खेरोदा 04-03-2026: खेरोदा कस्बे के ऐतिहासिक होली चौक में पारंपरिक हर्षोल्लास और विधि-विधान के साथ होलिका दहन का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर कस्बे के पंचों और पंडितों की उपस्थिति में होलिका माता का शास्त्रोक्त रीति-रिवाज से पूजन संपन्न हुआ, जिसके पश्चात शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित की गई। आयोजन के दौरान कस्बे की सदियों पुरानी परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली।

प्राचीन रस्मों और आस्था का संगम

विशेष रूप से नवविवाहित युवकों द्वारा जलती हुई होली के फेरे लेने की रस्म निभाई गई, जो क्षेत्र की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। आस्था के प्रतीक स्वरूप कस्बे के प्रत्येक घर से श्रद्धालुओं ने नारियल लाकर होली की अग्नि में अर्पित किए।

गैर नृत्य और लोक संस्कृति की धूम

होली दहन से पूर्व पूरा माहौल लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर नजर आया। होली चौक में स्थानीय युवाओं द्वारा पारंपरिक गैर नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। ढोल की थाप और चंग की गूंज पर युवाओं ने हाथों में लकड़ियां लेकर जोश-खरोश के साथ गैर खेली, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। भक्ति, उल्लास और परंपराओं के इस मेल ने खेरोदा की होली को इस वर्ष भी यादगार बना दिया।

Budhi prakash parashar (Udaipur)

Budhi prakash parashar (Udaipur)

नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार

परिचय 

बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:

  • वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
  • उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।

Next Story