खेरोदा। धर्म नगरी में आयोजित पावन धर्मसभा में गुरुदेव कोमल मुनि के प्रेरणादायी वचनों को आत्मसात करते हुए हर्षित मुनि जी ने 'सुखविपाक' सूत्र का प्रभावी वांचन किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को दुर्लभ मनुष्य जीवन के महत्व का बोध कराते हुए इसे महान उद्देश्य की पूर्ति के लिए सार्थक बनाने का आह्वान किया।

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने फरमाया कि मनुष्य जीवन अत्यंत अनमोल और दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि यह जीवन केवल आयु कम होने, दिन बीतने या काल-चक्र के पहिए में पिसकर समाप्त होने के लिए नहीं मिला है, बल्कि प्रभु ने हमें यह जीवन किसी महान उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि इस अमूल्य जीवन को राग, द्वेष, शोक और संताप में व्यर्थ गंवाने के बजाय महापुरुषों के चरित्र से प्रेरणा लेकर सार्थक बनाना चाहिए।

मुनि श्री ने जीवन जीने की कला पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खोखलेपन या दोहरेपन में कोई महानता नहीं होती। वास्तविक महानता तब प्रकट होती है, जब व्यक्ति के विचार, वचन और कर्म में एकरूपता हो तथा वह अंदर और बाहर से एक समान हो।

उन्होंने आगे कहा कि अमर कहानी उन्हीं लोगों की बनती है, जिनका मन निर्मल, निष्कपटी और दोष-रहित होता है, जबकि कलुषित और विकारों से भरा मन इतिहास में अमर नहीं हो पाता।

धर्मसभा के अंत में उपस्थित जनों ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन से दोहरापन समाप्त कर जीवंतता लाएंगे तथा अपने पीछे ऐसा प्रेरणादायी इतिहास छोड़ेंगे, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव सही राह दिखाता रहे।

Budhi prakash parashar (Udaipur)

Budhi prakash parashar (Udaipur)

नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार

परिचय 

बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:

  • वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
  • उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।

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