खेरोदा ग्राम सभा में विकास की मांगों को लेकर ग्रामीणों की आवाज जोरदार रूप से गूंज उठी। ग्रामीण विकास परिषद खेरोदा के अध्यक्ष रामेश्वर लाल जणवा एवं मंत्री सोहन लाल पाराशर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ग्राम सभा में उपस्थित होकर क्षेत्र के समग्र विकास की पुरजोर मांग रखी तथा छह सूत्रीय मांग पत्र ग्राम सभा के समक्ष सौंपा।

मांग पत्र में पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया गया। ग्रामीणों ने सबसे पहले खेरोदा तालाब में पानी आने के सभी आवक स्रोतों (रास्तों) को तत्काल साफ कराने की मांग उठाई तथा गांव के सभी प्रवेश मार्गों पर फैले प्लास्टिक कचरे के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की।

बुनियादी ढांचे के विकास के तहत गांधी चौक से अमरपुरा मार्ग तक सड़क निर्माण, मंदिरों के मोहल्ले की सड़कों एवं नालियों की मरम्मत तथा हनुमान जी के दरवाजे से रूण्डेडा रोड गतवाड़ा की कुई (हाईवे) तक पक्की सड़क निर्माण की मांग प्रमुखता से रखी गई।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए ग्रामीणों ने पुरानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की खाली पड़ी बिल्डिंग में जिला स्तरीय सर्वसुविधायुक्त आयुर्वेदिक प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सालय स्थापित करने का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया।

साथ ही क्षेत्र के प्रशासनिक एवं भौगोलिक महत्व को देखते हुए खेरोदा में सरकारी महाविद्यालय खोलने की मांग भी की गई। ग्रामीणों ने कहा कि खेरोदा, पुरानी वल्लभनगर तहसील का चौथा सबसे बड़ा कस्बा है, जो लगभग 20 पंचायतों का मुख्य केंद्र है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कॉलेज की फाइल पहले से ही जयपुर सचिवालय में प्रक्रियाधीन है, जिस पर शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता है।

ग्राम सभा में उठी ये मांगें क्षेत्रीय विकास, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं, जिससे खेरोदा के समग्र विकास को नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

Pratahkal Bureau

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