खेरोदा में गणगौर पर्व की धूम: महिलाओं ने ईसर-गवरजा की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की
चित्तौड़गढ़ के खेरोदा में पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया गणगौर, सुहागिनों ने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखकर मंगल गीत गाए और ईसर-पार्वती को भोग लगाया।

खेरोदा | खेरोदा क्षेत्र में शनिवार को अटूट आस्था, अटूट विश्वास और सांस्कृतिक उल्लास के साथ लोक पर्व गणगौर का उत्सव मनाया गया। कस्बे सहित संपूर्ण ग्रामीण अंचलों में व्याप्त उत्सव के इस माहौल में महिलाओं और युवतियों ने पारम्परिक परिधानों में पूर्णतः सुसज्जित होकर भगवान शिव के स्वरूप ईसर जी तथा माता पार्वती के स्वरूप गवरजा की विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की। प्रातः काल से ही घरों और देवालयों में गूंजते मंगल गीतों ने समूचे वातावरण को भक्तिमय कर दिया, जहाँ श्रद्धावनत महिलाओं ने गीतों के माध्यम से परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की।
पूजा के विशेष विधान के अंतर्गत महिलाओं ने ईसर-पार्वती को विशेष भोग अर्पित किया तथा फल-फूल और दूब से जल छिड़क कर पारंपरिक लोक गीतों के गायन के साथ अर्चना की। दिनभर निराहार रहकर कठिन व्रत का पालन करने के पश्चात सायंकाल में महिलाओं ने विधि-विधान पूर्वक अपना व्रत खोला। इस पावन अवसर पर सुहागिनों ने अपने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के साथ ही परिवार की निरंतर उन्नति के लिए विशेष प्रार्थनाएं कीं। रंग-बिरंगी राजस्थानी पोशाकों और पारंपरिक आभूषणों में सजी महिलाओं की टोलियां जब पूजा के लिए निकलीं, तो पूरा क्षेत्र उत्सव के चटक रंगों में सराबोर नजर आया। भक्ति और लोक संस्कृति के इस अनूठे संगम ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
