खेरोदा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणगौर पर्व, महिलाओं ने की ईसर-गवरजा की पूजा
राजस्थान के खेरोदा क्षेत्र में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर ईसर-पार्वती की आराधना की और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखा।

खेरोदा | 22 मार्च 2026 खेरोदा क्षेत्र में अटूट आस्था और सांस्कृतिक उल्लास के प्रतीक गणगौर पर्व को अत्यंत भव्यता के साथ मनाया गया। कस्बे सहित संपूर्ण ग्रामीण अंचलों में व्याप्त उत्सव के माहौल के बीच महिलाओं और युवतियों ने अटूट श्रद्धा का परिचय दिया। इस पावन अवसर पर पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित महिलाओं ने भगवान शिव के स्वरूप 'ईसर' और माता पार्वती के स्वरूप 'गवरजा' की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में मंगलकामना की।
उत्सव का शुभारंभ तड़के ही घरों और मंदिरों में गूंजते मंगल गीतों के साथ हुआ। समूचा वातावरण लोक गीतों की मधुर स्वर लहरियों से भक्तिमय हो उठा, जहाँ महिलाओं ने गीतों के माध्यम से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा के विधान के अंतर्गत महिलाओं ने ईसर-पार्वती को विशेष भोग अर्पित किए तथा फल, फूल एवं दूब से जल छिड़क कर पारंपरिक लोक गीतों के साथ विधि-विधान से अर्चना संपन्न की।
धार्मिक निष्ठा का प्रमाण देते हुए महिलाओं ने दिनभर निराहार रहकर व्रत का पालन किया। सायंकाल के समय पूर्ण विधि-विधान के साथ व्रत का पारण किया गया। इस दौरान सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु और परिवार के कल्याण के लिए विशेष प्रार्थनाएं कीं। श्रद्धा, संस्कृति और परंपरा का यह अनूठा संगम क्षेत्र की समृद्ध विरासत को जीवंत करता नजर आया।

Ruturaj Ravan
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