तीन दिन के अंधेरे के बाद बांसड़ा में लौटी बिजली, नया ट्रांसफार्मर लगा तो ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
खेरोदा के निकट बांसड़ा गांव में तीन दिन बाद नया ट्रांसफार्मर लगने से बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन तकनीकी दिक्कतों से ग्रामीणों की चिंता बरकरार है।

तस्वीर में बांसड़ा गांव में क्रेन की मदद से बिजली के पोल पर नया ट्रांसफार्मर स्थापित करते हुए बिजली कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं।
खेरोदा कस्बे के निकटवर्ती बांसड़ा गांव में तीन दिनों तक बिजली संकट झेलने के बाद नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने से विद्युत आपूर्ति बहाल हो गई। लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने बिजली लौटने पर राहत की सांस ली, हालांकि बार-बार आने वाली तकनीकी दिक्कतों को लेकर उनकी चिंता अभी भी बनी हुई है।
ग्रामीण पिछले तीन दिनों से भारी बिजली कटौती की समस्या का सामना कर रहे थे। बारिश के मौसम के कारण कभी विद्युत लाइन में फॉल्ट आ रहा था तो कभी केबल जलकर नीचे गिर रही थी। समस्या के समाधान के लिए एफआरडी टीम, लाइनमैन और उनके सहकर्मी लगातार मरम्मत कार्य में जुटे रहे, लेकिन इसी दौरान भैरूनाथ मंदिर के पास स्थित गांव का मुख्य ट्रांसफार्मर (डीपी) भी खराब हो गया, जिससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में आयोजित होने वाले शिविर को देखते हुए अधिकारियों ने तत्परता दिखाई और तुरंत प्रभाव से सुबह 7 बजे नया ट्रांसफार्मर बदल दिया। इसके बाद गांव में बिजली आपूर्ति फिर से शुरू हो सकी और तीन दिनों से अंधेरे में रह रहे लोगों को राहत मिली।
हालांकि ग्रामीणों का यह भी कहना है कि आरएसएस (RSS) स्कीम के तहत लगाए गए इस नए ट्रांसफार्मर में ऑयल (तेल) नहीं मिलने के कारण आए दिन तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। फिलहाल नया ट्रांसफार्मर लगने से बिजली आपूर्ति बहाल हो गई है, लेकिन लगातार होने वाले फॉल्ट से स्थायी राहत के लिए ग्रामीण अब भी पुख्ता समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।

Pratahkal Bureau
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