खेरोदा: अग्निवीर प्रशिक्षण पूरा कर लौटे कुलदीप सिंह राठौड़ का भव्य स्वागत
खेरोदा में अग्निवीर कुलदीप सिंह राठौड़ के भव्य स्वागत ने सभी को भावुक कर दिया। कठिन संघर्षों और पारिवारिक विपरीत परिस्थितियों से जूझकर सेना में चयनित हुए कुलदीप की प्रेरक यात्रा ने पूरे क्षेत्र को गर्व और देशभक्ति से भर दिया।

खेरोदा में अग्निवीर कुलदीप सिंह राठौड़ का सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर गृह नगर लौटने पर ग्रामीणों और युवाओं ने गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया।
खेरोदा, 22 जून 2026। संघर्षों की कठिन राह को पार कर देश सेवा के गौरव तक पहुँचे खेरोदा कस्बे के वीर सपूत अग्निवीर कुलदीप सिंह राठौड़ का सोमवार को अपने गृह नगर लौटने पर ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया गया। भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में 6 माह की कठोर प्रशिक्षण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर लौटे कुलदीप के आगमन पर पूरे क्षेत्र में देशभक्ति और उत्साह का वातावरण छा गया।
महाराष्ट्र के अहिल्या नगर स्थित आर्म्ड कॉर्प्स सेंटर एंड स्कूल में 24 सप्ताह का कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद जैसे ही कुलदीप सिंह अपने पैतृक गांव खेरोदा पहुंचे, ग्रामीणों और युवाओं ने भारत माता के जयकारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गांव की सीमा पर बड़ी संख्या में एकत्रित लोगों ने डीजे की देशभक्ति धुनों के बीच पुष्पवर्षा कर और साफा पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद कस्बे में भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें ग्रामीणों और युवाओं की भारी भीड़ शामिल रही।
कुलदीप सिंह राठौड़ ने इस अवसर पर कस्बे के प्रमुख धार्मिक स्थलों माताजी मंदिर, चारभुजा नाथ मंदिर और कल्लाजी राठौड़ मंदिर में दर्शन कर शीश नवाया और देश सेवा के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। राजपूत समाज के चारभुजानाथ मंदिर परिसर में परिवारजनों, समाजजनों और ग्रामीणों ने उन्हें केले से तौलकर सम्मानित किया। इस दौरान मेवाड़ डिफेंस अकादमी नवानीया द्वारा भी उनका स्वागत एवं बहुमान किया गया और उनकी उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया गया।
कुलदीप सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। वर्ष 2011 में मात्र 7 वर्ष की आयु में उनके पिता स्व. बहादुर सिंह राठौड़ का आकस्मिक निधन हो गया था। इसके बाद उनकी माता श्रीमती लाड़ कुंवर ने उदयपुर स्थित धागा फैक्ट्री में श्रमिक के रूप में कार्य करते हुए कठिन परिस्थितियों में भी अपने पुत्र का पालन-पोषण किया और उसके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कुलदीप ने आठवीं तक की शिक्षा गांव में प्राप्त की, जिसके बाद शारीरिक शिक्षक गोपाल मेहता मेनारिया के मार्गदर्शन में आगे की पढ़ाई की। उन्होंने 9वीं से 11वीं तक की शिक्षा कानोड़ के वर्धमान हॉस्टल में रहकर जवाहर विद्यापीठ से पूर्ण की तथा बाद में द्रोणाचार्य कॉलेज भिंडर से बीए प्रथम वर्ष के दौरान एनसीसी ‘ए’ प्रमाण पत्र प्राप्त किया। यहीं से उन्होंने सेना में जाने का संकल्प लिया।
वर्ष 2022 से निरंतर सेना भर्ती की तैयारी करने वाले कुलदीप ने नवानिया स्थित मेवाड़ डिफेंस एकेडमी में चार माह का कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया। अग्निवीर परीक्षा के पहले प्रयास में असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पुनः मेहनत कर सफलता हासिल की। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने सभी शारीरिक परीक्षणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और टैंक टी-90 के संचालन का बेसिक एवं एडवांस प्रशिक्षण भी प्राप्त किया।
प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद कुलदीप सिंह राठौड़ की प्रथम नियुक्ति 20 लांसर्स यूनिट, बबीना (उत्तर प्रदेश) में की गई है, जहां वे 4 जुलाई को रिपोर्ट करेंगे। इस अवसर पर आयोजित स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, मातृशक्ति एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कुलदीप द्वारा अपनी मां को सेना की टोपी पहनाकर सेल्यूट करने और भावुक होकर गले मिलने का दृश्य उपस्थित जनसमूह के लिए अत्यंत भावुक क्षण बन गया।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
