तहसील की ग्राम पंचायत कातरवास कलां के राजस्व गांव काटवी में प्रशासनिक स्तर पर समाधान नहीं मिलने के बाद ग्रामीणों और युवाओं ने मिसाल पेश करते हुए तालाब की टूटी पाल की मरम्मत का कार्य स्वयं शुरू कर दिया है। गांववासियों ने घर-घर से चंदा एकत्रित कर इस महत्वपूर्ण जल संरक्षण कार्य की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली है।

ग्रामीणों के अनुसार गत वर्ष हुई तेज बारिश के दौरान गांव के प्रमुख तालाब की पाल क्षतिग्रस्त हो गई थी। पाल टूटने से जल संरक्षण प्रभावित हुआ और तालाब की उपयोगिता पर भी असर पड़ा। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग को समय-समय पर अवगत कराया, लेकिन उनके अनुसार अपेक्षित स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की ओर से केवल एक छोटी पक्की पाल का निर्माण कराया गया, जो उनके अनुसार उचित स्थान और दिशा में नहीं बनाई गई। उनका दावा है कि उक्त निर्माण से न तो पानी का प्रभावी संरक्षण हो सकेगा और न ही मिट्टी के कटाव को रोका जा सकेगा।

स्थिति में सुधार नहीं होने पर गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने सामूहिक पहल करते हुए प्रत्येक घर से आर्थिक सहयोग एकत्रित किया और तालाब की पाल की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों का मानना है कि तालाब गांव की जल आवश्यकताओं की पूर्ति और भू-जल संरक्षण का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसकी सुरक्षा और मजबूती अत्यंत आवश्यक है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब की पाल का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए तथा स्थायी एवं मजबूत निर्माण कार्य करवाया जाए, जिससे भविष्य में भारी बारिश के दौरान किसी प्रकार की क्षति की आशंका न रहे। इस दौरान बाबूलाल डोडियार, कालू जाबला, लक्ष्मीलाल, संजय गरासिया, नाहरसिंह चौहान, ताजु गरासिया, गणेश गरासिया, गल्लाजी, रामलाल असारी, अजीत हगात, नाथु करोवा, मणिलाल मसार और कालूलाल गरासिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने बताया कि पाल टूटने के समय प्रशासन को मौखिक रूप से भी जानकारी दी गई थी, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें स्वयं आगे आकर मरम्मत कार्य शुरू करना पड़ा। यह पहल गांव में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

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