कानोड़: नंदघर केंद्र पर मनाया गया विश्व स्वास्थ्य दिवस, किशोरियों की स्वास्थ्य जांच
अनिल अग्रवाल फाउंडेशन और जतन सेवा संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में एएनएम सरिता शर्मा ने किशोरियों का हीमोग्लोबिन परीक्षण कर पोषण संबंधी परामर्श दिया।

कानोड़ के मनावत फला स्थित आंगनबाड़ी नंदघर केंद्र पर विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित शिविर के दौरान किशोरियों के स्वास्थ्य की जांच करतीं एएनएम सरिता शर्मा।
कानोड़ स्थित आंगनबाड़ी नंदघर केंद्र मनावत फला पर अनिल अग्रवाल फाउंडेशन और जतन सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में विश्व स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्लस्टर निशीथेश्वर चौबीसा ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर अपने विचार रखते हुए बताया कि आखिर आज ही के दिन यह दिवस क्यों मनाया जाता है और इसे मनाने का क्या कारण है।
विश्व स्वास्थ्य दिवस का इतिहास और उद्देश्य
वर्ल्ड हेल्थ डे 2026 के अवसर पर निशीथेश्वर चौबीसा ने बताया कि 7 अप्रैल के दिन आज विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जा रहा है। साल 1948 में 7 अप्रैल के ही दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO की स्थापना हुई थी, जिसके बाद से ही हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। यह दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना की याद दिलाता है, जो 1948 में हुई थी। विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने का मकसद वैश्विक पटल पर लोगों को अलग-अलग बीमारियों के प्रति जागरूक करना, लोगों को इलाज के बेहतर मौके देना और सुविधाएं मुहैया कराना है। इसी कोशिश को आगे बढ़ाते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन कार्य कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के संविधान पर 61 राष्ट्रों द्वारा साइन किया गया था जिसके बाद पिछले 78 सालों से यह संगठन कार्य कर रहा है।
सेहत में एकसाथ, विज्ञान के साथ
इस साल विश्व स्वास्थ्य दिवस "सेहत में एकसाथ, विज्ञान के साथ" थीम के साथ मनाया जा रहा है। यह थीम पब्लिक हेल्थ की बेहतरी और वैश्विक पटल पर मृत्यु की संख्या कम करने के महत्व को हाइलाइट करती है। विज्ञान और तकनीक की मदद से स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई नए बदलाव देखे गए हैं जो लोगों की सेहत को सुधारने में मदद करते हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में विज्ञान की इसी भूमिका को बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सुधार के महत्वपूर्ण उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार अपनी सेहत को अच्छा रखना हमारे ही हाथ में है। ऐसे में सेहत संबंधी कुछ बातों का ख्याल रखा जाए तो सेहत न सिर्फ अच्छी रहती है बल्कि व्यक्ति बीमारियों से भी दूर रहने लगता है। अपने खानपान को अच्छा रखने पर फोकस करें। हालिया रिपोर्ट्स प्रोसेस्ड फूड्स और आंतों के कैंसर के खतरे को उजागर करती हैं, ऐसे में खानपान को बेहतर रखना जरूरी है। कोशिश करें कि आप खानपान में ज्यादा से ज्यादा घर पर बनी हेल्दी चीजों को ही शामिल करें। खुद को हाइड्रेटेड रखने की कोशिश करें, खासतौर से गर्मियों के मौसम में अपनी हाइड्रेशन का ख्याल रखें और पानी, नारियल पानी, नींबू पानी और फलों के ताजा जूस पियें। फिजिकल एक्टिविटी की कमी हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियों और पेट की बीमारियों का खतरा पैदा करती है। ऐसे में कोशिश करें कि आप अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए रोजाना एक्सरसाइज, योग, एरोबिक्स या किसी और एक्टिविटी को अपने लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं। मोटापा कम करने की कोशिश करें क्योंकि मोटापा एक नहीं बल्कि कई बीमारियों की जड़ बनता है, ऐसे में वेट मैनेज करना जरूरी होता है।
किशोर-किशोरियों की स्वास्थ्य जांच और परामर्श
इसी क्रम में सरिता शर्मा एएनएम ने 27 किशोर-किशोरियों का हीमोग्लोबिन चेक और वजन चेक किया। इस जांच के दौरान किशोरियों के हीमोग्लोबिन और वजन में कमी पाई गई। इस पर एएनएम मैम ने परामर्श देते हुए कहा कि "फास्ट फूड को ज्यादा सेवन करने के कारण हीमोग्लोबिन की कमी आई है, इसके लिये हरी पत्तेदार सब्जियां फल खाते रहें और चुकंदर का जूस पियें।" कार्यक्रम के दौरान जतन सेवा संस्थान और अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की तरफ से उपस्थित सभी के लिए बिस्कुट, केले और फल का नाश्ता दिया गया। अंत में सभी अतिथियों का आशा मीरा ने आभार व्यक्त किया।

Pratahkal Bureau
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