राजसमंद। श्री पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ प्रन्यास के सुप्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर, कांकरोली में भक्ति और परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिला। ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया (दूज) रविवार के अवसर पर शयन के दर्शन के दौरान आराध्य प्रभु द्वारकाधीश भव्य जल विहार में बिराजे। इस विशेष मनोरथ के तहत मंदिर के संपूर्ण रतन चौक को जल से आप्लावित किया गया, जो साक्षात् श्री यमुना जी के पावन स्वरूप और भाव को प्रकट कर रहा था।

धार्मिक विधान के अनुसार, जल से भरे चौक में यमुना जी के वातावरण को जीवंत करने हेतु मछली, मगरमच्छ, बत्तखें, चांदी की नौकाएं और जहाज सजाए गए। इस अलौकिक दृश्य के मध्य में प्रतीकात्मक रूप से गुलमोहर के झाड़ भी लगाए गए, जो दर्शन की दिव्यता को बढ़ा रहे थे। प्रभु के इस शीतल जल विहार झांकी के दर्शन हेतु वैष्णव जनों और स्थानीय दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को जगमोहन से इस अद्भुत झांकी के दर्शन कराए गए। ज्येष्ठ मास की गर्मी के बीच प्रभु को शीतलता प्रदान करने वाला यह पारंपरिक आयोजन न केवल धार्मिक महत्ता को दर्शाता है, बल्कि पुष्टिमार्गीय सेवा पद्धति की भव्यता को भी रेखांकित करता है।

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