जीवंतिका माता का व्रत श्रद्धापूर्वक किया, महिलाओं ने कथा श्रवण कर किया भजन-कीर्तन
खेरवाड़ा के बावलवाड़ा स्थित सिद्धेश्वर सोमनाथ महादेव मंदिर में महिलाओं ने जीवंतिका माता का व्रत कर कथा श्रवण और भजन-कीर्तन किया।

तस्वीर में बावलवाड़ा के मंदिर में लाल वस्त्र पहने महिलाएं शिव मंदिर में पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन करते हुए दिखाई दे रही हैं।
सिद्धेश्वर सोमनाथ महादेव मंदिर बावलवाड़ा में श्रावण मास शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार को महिलाओं ने जीवंतिका माता का व्रत श्रद्धा एवं भक्ति भाव से किया। इस अवसर पर प्रातः भगवान शिव को बेलपत्र एवं पुष्पों से सजाया गया। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जीवंतिका माता की कथा का श्रवण किया। इसके बाद भजन-कीर्तन कर मंदिर परिसर के धार्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
मान्यता के अनुसार जीवंतिका माता का व्रत श्रावण मास के प्रथम शुक्रवार से शुरू किया जाता है और इसे लगातार नौ वर्षों तक किया जाता है। महिलाएं लाल वस्त्र धारण कर श्रद्धापूर्वक यह व्रत करती हैं। व्रत का उद्देश्य संतान एवं परिवार की सुख-समृद्धि तथा बच्चों के मंगल की कामना करना है। नौ वर्ष पूर्ण होने के बाद विधि-विधान से व्रत का उद्यापन किया जाता है।
इस दौरान महिलाओं ने जीवंतिका माता से अपने बच्चों के सुख, समृद्धि, दीर्घायु एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिर में पूजा-अर्चना, कथा श्रवण और भजन-कीर्तन के साथ जीवंतिका माता के प्रति महिलाओं की श्रद्धा और आस्था प्रकट हुई।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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