झुन्थरी स्थित सोमनाथ महादेव मंदिर में आयोजित चार दिवसीय संगीतमय “नानी बाई का मायरा” कथा महोत्सव का चतुर्थ एवं समापन दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में कथा वाचक तिलकेश जोशी ने श्री राधा युगल किशोर के दिव्य प्राकट्य एवं उनकी महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भक्त शिरोमणि नरसी जी की अटूट भक्ति और भगवान के प्रति उनके समर्पण का विस्तार से उल्लेख किया गया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान ने सांवल शाह का रूप धारण कर नानी बाई का मायरा भरकर अपने भक्त की लाज रखी और उसकी प्रतिष्ठा की रक्षा की। इस प्रसंग को भक्त और भगवान के अटूट संबंध का जीवंत उदाहरण बताया गया।

कथा प्रवक्ता राधेश्याम व्यास ने बताया कि इस अवसर पर राधा-कृष्ण एवं रुक्मिणी जी की आकर्षक झांकियों का विशेष प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में दीक्षा द्वारा नानी बाई का स्वरूप धारण कर श्रद्धालुओं से मायरा ग्रहण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण भक्ति के साथ अर्पित किया।

सोमनाथ महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने आयोजन के सफल समापन पर समिति एवं समस्त ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने व्यास पीठ का पूजन एवं स्वागत किया, जबकि आचार्य भगवतीलाल जी व्यास शास्त्री ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए। संचालन घनश्याम जोशी द्वारा किया गया।

चार दिवसीय इस कथा महोत्सव के समापन पर झुन्थरी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा वातावरण “जयकारों” से गूंज उठा और भक्ति के इस आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

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