झाड़ोल (उदयपुर)। वित्तीय साख और गरीबों के भरोसे के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ उदयपुर की झाड़ोल थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। समूह लोन की किस्तों में हेराफेरी कर लाखों रुपये का गबन करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मैनेजर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इंडसइंड बैंक से संबद्ध फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड में हुए इस फर्जीवाड़े ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है, जहां गरीब महिलाओं की मेहनत की कमाई को बैंक में जमा करने के बजाय आरोपी डकार गए।

घटनाक्रम के अनुसार, फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड के कुछ कर्मचारियों ने महिला लोन सदस्यों को झांसा देकर उनसे प्री-पेमेंट और मासिक किस्तों के नाम पर बड़ी नकदी वसूली थी। बैंक प्रबंधन को जब वित्तीय अनियमितताओं की भनक लगी, तो आंतरिक जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया। आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत किस्तों की राशि बैंक खाते में जमा ही नहीं की। प्रारंभिक जांच और ऑडिट के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने कुल 7 लाख 56 हजार 618 रुपये का गबन किया है। इस धोखाधड़ी के खिलाफ बैंक प्रबंधन ने झाड़ोल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित एक्शन मोड में आते हुए प्रकरण दर्ज किया।

उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के कड़े निर्देश मिलने के बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल (खेरवाड़ा) और वृताधिकारी विवेक सिंह (वृत झाड़ोल) के निकट सुपरविजन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। थानाधिकारी फैलीराम मीणा के नेतृत्व में गठित इस टीम ने तकनीकी साक्ष्य और जमीनी आसूचना के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस की मुस्तैदी रंग लाई और टीम ने दबिश देकर मुख्य आरोपी धर्मेंद्र, निवासी कुचामन सिटी को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई में हेड कांस्टेबल भेरूलाल और कांस्टेबल जितेंद्र कुमार की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी सुराग जुटाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इस हाई-प्रोफाइल गबन कांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार मैनेजर धर्मेंद्र से गहन पूछताछ जारी है, ताकि गबन की गई राशि बरामद की जा सके और इस पूरे गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। झाड़ोल थानाधिकारी फैलीराम मीणा ने आमजन से अपील की है कि वित्तीय लेनदेन करते समय अधिकृत रसीद जरूर लें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस कार्रवाई में अनुसंधान अधिकारी सहायक उप निरीक्षक दिनेश कुमार, कांस्टेबल मोटाराम और कांस्टेबल लक्ष्मीलाल की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता के भरोसे को चोट पहुंचाने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

Pratahkal Bureau

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