उदयपुर। झाड़ोल क्षेत्र के किसानों ने आज उदयपुर शहर के कुम्हारों का भट्टा स्थित कृषि कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि समिति में खाद की भारी कमी के बावजूद वही खाद निजी दुकानों पर महंगे दामों में उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है।

सैकड़ों किसानों ने कृषि विभाग की अनदेखी और नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर कार्यालय में तैनात किए गए कृषि पर्यवेक्षक कमलेश शर्मा के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों का कहना है कि इस तैनाती से विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और सुचारू संचालन पर प्रश्न उठते हैं।

झाड़ोल उप प्रधान मोहब्बत सिंह राणावत ने बताया कि किसानों ने खाद की कालाबाजारी रोकने और कृषि पर्यवेक्षक को पुनः तैनात करने की मांग को लेकर विभाग को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती, किसान धरने से हटने को तैयार नहीं हैं।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने अभी इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, कृषि कार्यालय के बाहर धरना दे रहे किसानों का कहना है कि उन्हें खाद और अन्य कृषि संसाधनों की उचित उपलब्धता सुनिश्चित करने तक आंदोलन जारी रहेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रदर्शन कृषि विभाग की नीतियों और स्थानीय किसानों की आवश्यकताओं के बीच खाई को उजागर करता है। यह मामला न केवल झाड़ोल के किसानों की मांगों को उजागर करता है, बल्कि राज्य स्तरीय कृषि प्रशासन के पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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