झाडोल पुलिस ने 'सुदर्शन चक्र-2' अभियान के तहत 4 साल से फरार वांछित वारंटी को पकड़ा
नकबजनी के मामले में देलवाड़ा थाने का टॉप-10 स्थाई वारंटी प्रेमलाल उर्फ नानालाल उदयपुर के आवरडा से डिटेन, पुलिस टीम ने राजसमंद पुलिस को सौंपा।

उदयपुर की झाडोल थाना पुलिस टीम और पकड़ा गया आरोपी प्रेमलाल, जिसे नकबजनी के 4 साल पुराने मामले में सुदर्शन चक्र-2 अभियान के तहत गिरफ्तार किया गया है।
उदयपुर। राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान 'सुदर्शन चक्र-2' के अंतर्गत झाडोल थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता अर्जित करते हुए नकबजनी के मामले में पिछले चार वर्षों से फरार चल रहे एक स्थाई वारंटी को दबोच लिया है। उदयपुर रेंज महानिरीक्षक द्वारा वांछित अपराधियों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे इस सघन अभियान के तहत जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के कुशल निर्देशन में यह प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के मार्गदर्शन, खेरवाड़ा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंजना सुखवाल और झाडोल वृताधिकारी श्री विवेकसिंह के निकट सुपरविजन में झाडोल थानाधिकारी श्री फेलीराम मीणा के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस थाना देलवाड़ा, जिला राजसमंद के प्रकरण संख्या 11/22, धारा 457 एवं 380 भादसं (भारतीय दंड संहिता) के तहत वांछित अपराधी प्रेमलाल उर्फ नानालाल को सफलतापूर्वक डिटेन किया।
पकड़ा गया अभियुक्त प्रेमलाल उर्फ नानालाल (25 वर्ष), पुत्र बाबूलाल, निवासी आवरडा, जिला उदयपुर का रहने वाला है। वह देलवाड़ा थाने में दर्ज नकबजनी के गंभीर मामले में पिछले चार सालों से लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की टॉप-10 वांछित स्थाई वारंटियों की सूची में शामिल था। गिरफ्तारी के पश्चात झाडोल पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए वारंटी को अग्रिम अनुसंधान एवं कार्रवाई हेतु पुलिस थाना देलवाड़ा, जिला राजसमंद के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भेजा है कि कानून की गिरफ्त से बचना नामुमकिन है।

