झाड़ोल। उदयपुर हाइवे निर्माण कार्य के दायरे में आने वाले मगवास गांव के निवासियों ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी द्वारा जारी अतिक्रमण नोटिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हाइवे प्रशासन द्वारा कथित अतिक्रमण को लेकर भेजे गए नोटिस से आक्रोशित मगवास के हरीश भाई भट्ट, बाबूलाल सुथार, चैनराम मेघवाल, जगदीश सुथार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने उदयपुर स्थित हाइवे पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचकर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्हें न तो पूर्व में कोई नोटिस मिला और न ही आज तक जमीन का कोई मुआवजा प्राप्त हुआ है।

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन में मगवास निवासी चैनराम मेघवाल, महेंद्र जैन, सुजानमल जैन, धुरीलाल मेघवाल, हरीश भट्ट, राजेश जोशी और प्रभुलाल जैन ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि उक्त नोटिस में नेशनल हाइवे की भूमि पर अतिक्रमण का उल्लेख किया गया है, जबकि यह हाइवे एक छोटे से गांव के समीप से गुजरता है जहां न तो अत्यधिक आबादी है और न ही इससे यातायात बाधित हो रहा है। ग्रामीणों ने तर्क दिया कि वे यहां पिछले 25-30 वर्षों से निवासरत हैं और एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने हाइवे अथॉरिटी के वर्तमान मार्किंग पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि हाइवे निर्माण के दौरान सेंटर से छोड़े जाने वाले प्रावधानों का वे पालन करने को तत्पर हैं, परंतु विभाग ने पूर्व में 7.5 मीटर पर लगाए गए निशानों को बढ़ाकर अब 10 मीटर पर लगा दिया है, जिससे ग्रामीणों के मकानों को नुकसान हो रहा है। पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि नियमानुसार उन्हें न तो उचित मुआवजा दिया गया है और न ही पूर्व में कोई सूचना दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से उदारतापूर्वक इस प्रार्थना पत्र पर विचार करने और उनके हितों को देखते हुए उचित राहत प्रदान करने की पुरजोर मांग की है। यह मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां प्रशासन की कार्यशैली और ग्रामीणों के अधिकारों के बीच का संघर्ष गहरा गया है।

Vishnu Lohar, Jhadol

Vishnu Lohar, Jhadol

नाम: विष्णु लोहार

वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल, झाड़ोल)

कार्यक्षेत्र: झाड़ोल, उदयपुर (राजस्थान) - मुख्य रूप से झाड़ोल और गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास का ग्रामीण अंचल

अनुभव: करीब 10 वर्ष

बीट और विशेषज्ञता 

  • स्थानीय एवं ग्रामीण समाचार: झाड़ोल व गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र, ग्रामीण पंचायतों, सामाजिक गतिविधियों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की नियमित कवरेज।
  • राजनीति: स्थानीय निकाय, पंचायत, विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां, जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रम एवं राजनीतिक घटनाक्रम।
  • क्राइम: पुलिस कार्रवाई, अपराध संबंधी घटनाएं, कानून-व्यवस्था एवं न्यायिक मामलों की रिपोर्टिंग।
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शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • वाणिज्य स्नातक (B.Com)
  • वाणिज्य स्नातकोत्तर (M.Com)
  • B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
  • BSTC (बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट)

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