75 वर्षों बाद भी सड़क से वंचित काकरमाला के ग्रामीण, ग्वारिया फलारोड–किस्तती मार्ग के निर्माण की उठी मांग
झाड़ोल के काकरमाला गांव में ग्वारिया फलारोड से किस्तती मार्ग आज भी कच्चा है। ग्रामीणों ने 75 वर्षों पुरानी मांग दोहराते हुए सरकार से पक्की सड़क निर्माण की गुहार लगाई।

तस्वीर में झाड़ोल क्षेत्र के काकरमाला गांव की एक उबड़-खाबड़ और कच्ची सड़क दिखाई दे रही है, जो झाड़ियों और झाड़-झंखाड़ों से घिरी हुई है।
झाड़ोल क्षेत्र के काकरमाला गांव के अंतर्गत ग्वारिया फलारोड से किस्तती मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के बावजूद इस मार्ग का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क पूरी तरह कच्ची और उबड़-खाबड़ है। बरसात के दिनों में मार्ग की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। इसका सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और आम लोगों पर पड़ता है, जिन्हें रोजाना इस मार्ग से गुजरने में परेशानी झेलनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को प्रस्ताव तथा ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि ग्वारिया फलारोड से किस्तती मार्ग का शीघ्र सर्वे कराया जाए और पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि विकास केवल शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और सड़क निर्माण का कार्य शुरू होगा।

Pratahkal Bureau
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