झाड़ोल। झाड़ोल कस्बे में आज गणगौर महोत्सव के पावन अवसर पर अटूट आस्था और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ माता गणगौर की भव्य सवारी पूरे धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। पुरबिया समाज की महिलाओं के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान का विधिवत शुभारंभ कस्बे के प्रतिष्ठित कालिका माता मंदिर से हुआ। यहाँ से गणगौर माता, ईशर जी और गौरा जी की प्रतिमाओं को सुसज्जित पालकियों में विराजित कर नगर भ्रमण पर ले जाया गया।

श्रद्धा के इस सैलाब में पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा और आभूषणों से सुसज्जित महिलाएं आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं, जो ढोल-नगाड़ों की थाप पर भक्तिमय नृत्य करती हुई चल रही थीं। यह भव्य सवारी कस्बे के विभिन्न मोहल्लों, प्रमुख मार्गों और संकरी गलियों से गुजरी, जहाँ ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर ईशर-गौरा का स्वागत किया। उत्सव का यह क्रम झाड़ोल बाग रिसॉर्ट पहुँचकर संपन्न हुआ, जहाँ समाज की महिलाओं ने पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणगौर माता को जल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। संपूर्ण कस्बे में व्याप्त उत्सव के इस परिवेश और गणगौर की मनमोहक सवारी ने जन-मानस को मंत्रमुग्ध कर दिया, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक जीवंतता का प्रतीक बनकर उभरी।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

Next Story