झाड़ोल क्षेत्र में दुर्घटना में परिवार के मुखिया देवी लाल भाट की मौत के बाद पत्नी, छह बच्चों और माता-पिता समेत नौ सदस्य आर्थिक संकट में आ गए। ऐसे कठिन समय में समाजसेवी एवं अध्यापक नरेश लोहार ने परिवार की मदद के लिए आगे बढ़कर करीब चार से पांच माह का राशन उपलब्ध कराया।

उपखंड झाड़ोल क्षेत्र के निवासी देवी लाल भाट अपने बेटे के साथ रामदेवरा यात्रा पर निकले थे। यात्रा से लौटते समय उनकी मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें उनकी दुखद मृत्यु हो गई। अचानक हुए हादसे से परिवार को गहरा सदमा लगा और रोजमर्रा के जीवन के साथ बच्चों की पढ़ाई तथा भविष्य को लेकर भी संकट खड़ा हो गया।

देवी लाल भाट परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके असमय निधन के बाद पीछे उनकी पत्नी, छह बच्चे तथा माता-पिता सहित कुल नौ सदस्य रह गए। परिवार के सामने दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा जारी रखने की चुनौती भी सामने आ गई।

इस स्थिति की जानकारी मिलने पर झाड़ोल क्षेत्र के समाजसेवी एवं अध्यापक नरेश लोहार परिवार की सहायता के लिए आगे आए। उन्होंने परिवार को गेहूं, आटा, शक्कर, चावल, तेल, घी, मसाले, विभिन्न प्रकार की दालें सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई। उपलब्ध कराया गया राशन लगभग चार से पांच माह तक परिवार की खाद्य जरूरतों में सहायक रहेगा। इससे परिवार को तत्काल राहत मिली।

बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी दिया भरोसा

नरेश लोहार ने केवल राशन उपलब्ध कराने तक सहायता सीमित नहीं रखी, बल्कि परिवार के बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने की जिम्मेदारी लेने का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि बच्चों की पढ़ाई किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होने दी जाएगी और जरूरत के अनुसार हर संभव सहयोग किया जाएगा।

दुख की घड़ी में मिली इस सहायता से परिवार को आर्थिक राहत के साथ यह भरोसा भी मिला कि कठिन समय में समाज के लोग उनके साथ खड़े हैं। परिवार के मुखिया के असमय निधन के बाद जहां परिजनों के सामने भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं, वहीं समय पर मिली खाद्य सहायता और बच्चों की शिक्षा जारी रखने का भरोसा उनके लिए उम्मीद का आधार बना है।

नरेश लोहार ने कहा कि किसी परिवार पर अचानक आई विपत्ति के समय उसके साथ खड़ा होना ही सच्ची मानवता है। जरूरतमंद परिवारों की सहायता केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि कठिन समय में उन्हें हिम्मत और भरोसा देने का माध्यम भी है।

समाजसेवी अध्यापक नरेश लोहार की इस पहल ने जरूरतमंद परिवार के साथ खड़े होने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया है। उनके सहयोग से परिवार को तत्काल जरूरतों के बीच राहत मिली है, जबकि बच्चों की शिक्षा को लेकर दिए गए भरोसे ने आगे की परिस्थितियों में परिवार के लिए उम्मीद कायम की है।


Dharnendra Jain( Kherwara)

Dharnendra Jain( Kherwara)

नाम: धरणेन्द्र जैन

वर्तमान पद: सीनियर रिपोर्टर (प्रातः काल दैनिक, खेरवाड़ा विधानसभा)

कार्यक्षेत्र: खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र (खेरवाड़ा, ऋषभदेव, और नयागांव उपखंड क्षेत्र, जिला उदयपुर, राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन सहित सभी क्षेत्रों की खबरें

अनुभव: 30 वर्ष से अधिक

परिचय 

धरणेन्द्र जैन उदयपुर जिले के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल दैनिक' में सीनियर रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह मुख्य रूप से खेरवाड़ा, ऋषभदेव और नयागांव उपखंड क्षेत्र को कवर करते हैं। धरणेन्द्र जैन राजनीति, क्राइम, स्थानीय प्रशासन सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

धरणेन्द्र जैन को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों (30 वर्ष) से अधिक का व्यापक और लंबा अनुभव है:

  • वह साल 1995 से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं।
  • उन्होंने वर्ष 1998 से 2018 तक लगातार 20 वर्षों तक 'दैनिक भास्कर' में खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए सीनियर रिपोर्टिंग की है।
  • वर्ष 2018 से वह लगातार 'प्रातः काल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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