जनजाति गरिमा उत्सव जन भागीदारी अभियान शुरू, योजनाओं का मिलेगा लाभ
जिले के 638 गांवों में आदि सेवा केंद्रों पर संतृप्ति शिविर आयोजित कर वंचित पात्र लोगों को 17 विभागों की 25 कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

जिले में जनजाति गरिमा उत्सव जन भागीदारी अभियान ‘सबसे दूर-सबसे पहले’ का सोमवार को जिला कलक्टर देशलदान की अध्यक्षता में शुभारंभ हुआ। अभियान के तहत जनजातीय क्षेत्रों में वंचित पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
कार्यक्रम में जिला कलक्टर देशलदान ने सभी संबंधित विभागों को सौंपे गए दायित्वों के अनुसार अभियान का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के वंचित लोगों तक पहुंच बनाकर उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। जिला कलक्टर ने विभागीय समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में उपायुक्त टीएडी सत्य प्रकाश कस्वा ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के अंतर्गत 17 विभागों द्वारा 25 प्रकार के कार्य किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गत वर्ष संचालित धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जिले के 638 गांवों में संचालित आदि सेवा केंद्रों पर संतृप्ति शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में पात्र वंचित लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत चिकित्सा, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, रसद, आईसीडीएस, पशुपालन, टीएडी और पीएचईडी सहित 17 विभागों की सहभागिता रहेगी। आदि कर्मयोगी वॉलिंटियर्स के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के वंचित परिवारों तक पहुंच बनाकर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में जिला कलक्टर देशलदान ने 25 मई से 5 जून तक आयोजित होने वाले वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित नोडल विभागों को प्रतिदिन निर्धारित गतिविधियों के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ जन अभियान को सफल बनाने के लिए कहा।
अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पहाड़िया ने वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में एडीएम सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में यह अभियान प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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