सिंचाई विभाग की नहर सफाई में खामियां, किसानों में आक्रोश बढ़ा
उदयपुर के वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा नहरों की अधूरी सफाई के कारण किसानों में आक्रोश, हाइवे निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त नहरों में पानी छोड़ने से जल आपूर्ति प्रभावित, फसल सिंचाई में संकट उत्पन्न।

उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के भटेवर सहित आसपास के कई गांवों में किसानों के लिए जल आपूर्ति का संकट उत्पन्न हो गया है। सिंचाई विभाग ने सरजणा बांध की नहरों में पानी छोड़ दिया, जबकि नहरों की सफाई पूरी तरह से नहीं की गई थी। स्थानीय किसानों का आरोप है कि विभाग द्वारा सफाई केवल औपचारिकता के तौर पर की गई और वास्तविक मरम्मत का काम न हुआ।
भटेवर में चल रहे नेशनल हाइवे 162ई के निर्माण के दौरान पुलिया निर्माण से नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बावजूद नहर की मरम्मत नहीं कराई गई। नहरों में जगह-जगह कचरा, मिट्टी और पेड़-पौधों की टहनियां जमा हैं, जिससे पानी खेतों तक सही ढंग से नहीं पहुँच पाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने समय-समय पर किसानों की बैठकों में नहरों की सफाई की आवश्यकता पर विभाग को अवगत कराया था, लेकिन इस बार भी इसे नजरअंदाज किया गया।
किसान अब खेतों में बुवाई की गई फसल को सिंचाई के लिए पानी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। नहरों में जमा गंदगी के कारण पानी सड़कों पर बहकर बाहर निकल सकता है, जिससे सिंचाई का उद्देश्य पूरी तरह विफल होने का खतरा है।
वहीं, सिंचाई विभाग ने दावा किया है कि नहरों की सफाई पूरी कर दी गई है और पानी छोड़ दिया गया है। विभाग के अनुसार, पानी के साथ ही लेबर भी लगातार काम कर रहे हैं। कनिष्ठ अभियंता अजय सिंह गुर्जर ने बताया कि नहरों में कोई समस्या नहीं है और सभी कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं।
किसानों की चिंता यह है कि समय पर सही सफाई और मरम्मत न होने से फसल प्रभावित हो सकती है। इससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है और जल आपूर्ति की अनियमितता ग्रामीण जीवन पर असर डाल सकती है।

Pratahkal Bureau
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