डूंगरपुर। जिले में यूरिया उर्वरक वितरण की जांच के दौरान अनियमितताएं सामने आने पर विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। मैसर्स-अम्बिका ट्रेडर्स, कलालवाड़ी, रास्तापाल, तहसीमलवाड़ा में 23 और 24 नवम्बर को कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा उर्वरक बिक्री की सघनता से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि फर्म द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते विक्रय पर रोक लगाई गई।

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद के परेश कुमार पंड्या ने बताया कि जांच में उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की धारा 5 और 35(1)(ए) का उल्लंघन पाया गया। इसके परिणामस्वरूप, अधोहस्ताक्षरकर्ता द्वारा फर्म के प्राधिकरण पत्र संख्या 27,102, जिसकी वैधता 18 जनवरी 2027 तक थी, को तत्काल प्रभाव से 14 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस अवधि के दौरान फर्म को किसी भी प्रकार की उर्वरक बिक्री की अनुमति नहीं है।

कृषि विभाग की यह कड़ी कार्रवाई किसानों और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि जिले में उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और नियमों का पालन अनिवार्य है, ताकि किसानों तक समय पर और सही मात्रा में उर्वरक पहुंचे।

Pratahkal Bureau

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