खेरिया घाटी में सड़क पर फैली मिट्टी और दोनों तरफ के खतरनाक तीखे मोड़ों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार शाम करीब छह बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार, हालात इतने गंभीर हैं कि प्रतिदिन 10 से 15 मोटरसाइकिल सवार फिसलकर गिर रहे हैं। लगातार बढ़ते हादसों के बावजूद संबंधित विभाग की चुप्पी और किसी भी प्रकार की कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश और बेचैनी गहराती जा रही है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, घाटी के बीचोंबीच सड़क पर जमा मिट्टी बारिश और वाहनों की आवाजाही के कारण और अधिक फिसलन पैदा कर रही है। तीखे मोड़ों पर दृश्यता कम होने से वाहन अचानक नियंत्रण खो देते हैं और गिरने की घटनाएँ आम हो गई हैं। कई लोग मामूली से लेकर गंभीर चोटों तक का सामना कर चुके हैं। बावजूद इसके, सड़क की सफाई, चेतावनी संकेतक लगाने या मोड़ों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने जैसी बुनियादी कार्रवाई तक नहीं की गई है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने संबंधित विभाग को समस्या के बारे में कई बार सूचित किया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इन लगातार हो रही दुर्घटनाओं का जिम्मेदार कौन है और हालत गंभीर होने के बाद भी सुधार कार्य क्यों शुरू नहीं किया जा रहा। अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप न किए जाने से जोखिम हर दिन बढ़ता जा रहा है और घाटी से गुजरने वाले यात्रियों की सुरक्षा अधर में लटकी है।

खेरिया घाटी में बदहाल सड़क हालात ने न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि त्वरित समाधान के बिना हादसों का सिलसिला रुकने वाला नहीं है। क्षेत्रवासियों की यही मांग है कि सड़क की सफाई, मरम्मत और सुरक्षा उपायों सहित सभी आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएँ, ताकि लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story