उदयपुर में शादी के बाद बहू घर न भेजकर हड़पे जेवर, समझौते के लिए की 10 लाख की मांग...
इतना ही नहीं, उन्होंने धमकी दी कि यदि रुपए नहीं दिए तो झूठे मुकदमे में फंसा देंगे। लंबे समझाइश के बाद केवल सात लाख रुपए होने की बात कहने पर उन्होंने दुबारा धमकाना शुरू कर दिया

उदयपुर। जिले के गोगुन्दा थाना क्षेत्र में एक अजीबोगरीब और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक परिवार पर आरोप है कि उन्होंने अपने पुत्र की शादी तो करा दी, लेकिन बहू को ससुराल भेजने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, शादी के समय दिए गए लाखों रुपए के सोने-चांदी के गहनों पर कब्जा कर लिया और अब समझौते के एवज में 10 लाख रुपए की मांग कर रहे हैं। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रार्थी रूपसिंह पुत्र रामसिंह निवासी जालमपुरा नारो का गुड़ा सुआवतों का गुड़ा सायरा ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में मोहनसिंह पुत्र देवीसिंह निवासी पटेलों की भागल नांदेशमा सायरा अपने परिवार के साथ उनके घर आया था। उस दौरान उसने बताया कि उसकी दो पुत्रियां हैं—एक बड़ी पुत्री मंजू कंवर जिसकी शादी 30 अप्रैल 2021 को तय थी और दूसरी पुत्री आशा कंवर, जिसके विवाह का प्रस्ताव उसने रूपसिंह के पुत्र के साथ रखा।
रूपसिंह ने बताया कि उस समय उसका पुत्र नाबालिग था, जिस पर मोहनसिंह ने आश्वासन दिया कि बालिग होने के बाद ही पुत्री को ससुराल भेजेंगे। इस भरोसे पर उसने विवाह के लिए हामी भर दी। विवाह के समय परंपरा और मांग के अनुसार उसने भारी मात्रा में गहने व उपहार भी दिए। इनमें 50.4 ग्राम का सोने का नेकलेस, 20-20 ग्राम की सोने की चूड़ियां और टोकरियां, 398 ग्राम की पायल, 5.380 ग्राम का सोने का रकड़ी सेट, 30 ग्राम का मादलिया सेट, 25 ग्राम का मंगलसूत्र, सोने की बुटियां, तीन सेट चांदी की पायजेब, 1.128 किलो का कंदोरा, चांदी का चटका और अन्य गहने शामिल थे।
रूपसिंह के अनुसार, विवाह की रस्में पूरी होने के बाद उसका पुत्र तो घर लौट आया, लेकिन आशा कंवर कभी भी ससुराल नहीं आई। जब-जब उसने पुत्रवधू को घर भेजने की बात उठाई, आरोपी परिवार ने केवल आश्वासन ही दिया।
कुछ समय बाद स्थिति तब और पेचीदा हो गई जब मोहनसिंह ने स्वयं यह कह दिया कि उसकी पुत्री आशा किसी अन्य युवक से बात करती है और उसी से विवाह करना चाहती है, इसलिए वह ससुराल नहीं आएगी। यह सुनकर पीड़ित परिवार ने समाज के कुछ लोगों के साथ मोहनसिंह के घर जाकर बातचीत की, लेकिन वहां आरोपियों ने उल्टे उन्हें गाली-गलौच कर दी और धमकाने लगे।
रूपसिंह का कहना है कि जब उसने शादी में दिए गए गहनों की वापसी की मांग की तो मोहनसिंह व उसके परिजनों ने 10 लाख रुपए देने की शर्त रखी। इतना ही नहीं, उन्होंने धमकी दी कि यदि रुपए नहीं दिए तो झूठे मुकदमे में फंसा देंगे। लंबे समझाइश के बाद जब उसने सात लाख रुपए देने की सहमति जताई और गोगुन्दा पहुंचा तो वहां भी आरोपियों ने लिखापढ़ी की मांग करते हुए पूरा 10 लाख रुपए मांगे। केवल सात लाख रुपए होने की बात कहने पर उन्होंने दुबारा धमकाना शुरू कर दिया, जिस पर वह वहां से लौट आया।
अब, आरोपियों द्वारा लगातार 10 लाख रुपए देकर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित ने पुलिस को यह भी बताया कि इस पूरे प्रकरण में मोहनसिंह के साथ अन्य लोग भी शामिल हैं।
गोगुन्दा थाना पुलिस ने प्रार्थी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बहू को ससुराल क्यों नहीं भेजा गया और शादी के समय दिए गए गहनों का क्या हुआ।
यह मामला न केवल एक परिवार के साथ हुए विश्वासघात को उजागर करता है, बल्कि समाज में फैले उन जटिल विवादों को भी सामने लाता है, जहां रिश्तों और परंपराओं के नाम पर धोखाधड़ी और आर्थिक शोषण किया जाता है। पुलिस जांच के नतीजे इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाएंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में अहम साबित होंगे।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
