झाड़ोल। क्षेत्र के गौरव और शौर्य का प्रतीक माने जाने वाले वीर योद्धा झालामान की प्रतिमा आज स्वयं उपेक्षा का शिकार होती नजर आ रही है। झाड़ोल कस्बे में स्थापित उनकी मूर्ति और उससे जुड़ा सार्वजनिक गार्डन बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है, जहां चारों ओर फैला कचरा और अव्यवस्थित परिसर प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थल को श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा का केंद्र होना चाहिए था, वह लंबे समय से सफाई और रखरखाव के अभाव में बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। गार्डन में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, हरियाली नष्ट हो चुकी है और बैठने की व्यवस्थाएं भी जर्जर हालत में हैं। यह स्थिति तब है, जब समाज और क्षेत्र से जुड़े कई प्रभावशाली नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद हैं, इसके बावजूद हालात सुधारने की कोई ठोस पहल अब तक नहीं हो पाई है।

वीर योद्धा झालामान की स्मृति से जुड़ा यह स्थल न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी है। ऐसे में सार्वजनिक स्थल की यह दुर्दशा न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि सामाजिक चेतना पर भी सवाल खड़े करती है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मूर्ति परिसर और गार्डन की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, सौंदर्यीकरण किया जाए और भविष्य में नियमित देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि जिन वीरों ने समाज को पहचान और सम्मान दिलाया, उनकी स्मृतियों की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह ऐतिहासिक धरोहर और अधिक उपेक्षा की भेंट चढ़ सकती है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story