खेरोदा में बर्फीली हवाओं का तांडव: कोहरे की सफेद चादर में सिमटा जनजीवन, हाड़ कंपाने वाली ठंड से थमी रफ्तार
खेरोदा में बर्फीली हवाओं और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सोमवार को सुबह से ही भारी शीतलहर के कारण दृश्यता कम रही और कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। बुद्धि प्रकाश पाराशर की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। जानिए खेरोदा के मौसम का पूरा हाल और कैसे पहाड़ों से आ रही हवाओं ने थामी क्षेत्र की रफ्तार।

खेरोदा। राजस्थान के खेरोदा क्षेत्र में कुदरत के बदले मिजाज ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ दिनों से मौसम में घुली कड़वाहट अब जानलेवा ठंड और शीतलहर में तब्दील हो चुकी है। सोमवार की सुबह जब खेरोदा की आंखें खुलीं, तो पूरा इलाका घने कोहरे की एक अभेद्य सफेद चादर में लिपटा हुआ था। पहाड़ों की गलनभरी बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में ऐसा प्रहार किया है कि समूचा जनजीवन अस्त-व्यस्त होकर रह गया है। आलम यह है कि सूरज की किरणें भी इस धुंध को चीरने में नाकाम साबित हो रही हैं, जिससे दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई है और वाहन चालकों के लिए सड़कों पर सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं रह गया है।
इस कड़ाके की ठंड और ठिठुरन ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। खेरोदा के व्यस्त रहने वाले बाजार और गलियां अब सन्नाटे की आगोश में हैं। सुबह देर तक लोग बिस्तरों में दुबके नजर आ रहे हैं और सड़कों पर आवाजाही बेहद कम हो गई है। ग्रामीण इलाकों में इस हाड़ कंपाने वाली ठंड से बचने के लिए अब केवल अलाव ही एकमात्र सहारा बचा है। गांव के चौराहों और घरों के बाहर लोग समूहों में बैठकर आग तापते देखे जा सकते हैं। पशुपालकों के लिए भी यह समय किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है, क्योंकि बेजुबान जानवरों को इस बर्फीली मार से बचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बर्फीली हवाओं के सीधे प्रहार से दिन के तापमान में अप्रत्याशित गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्टर बुद्धि प्रकाश पाराशर की रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र में ठंड का यह रौद्र रूप लंबे समय बाद देखने को मिला है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनी के बीच लोग गर्म कपड़ों और अलाव के जरिए खुद को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद में जुटे हैं। फिलहाल, मौसम के इन कड़े तेवरों से राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है, जिसने खेरोदा की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है।

Pratahkal Bureau
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