समाजसेवा के क्षेत्र में अग्रणी संस्था हेल्पिंग हैंड्स सूरत ने इस वर्ष उदयपुर के सुदूर आदिवासी अंचल में पहुंचकर लगभग 1500 जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्टेशनरी सामग्री वितरित की। दूर-दराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों को कॉपी, पेंसिल, पेन सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस सेवा अभियान से बच्चों के चेहरों पर खुशी और शिक्षा के प्रति नया उत्साह देखने को मिला।

हेल्पिंग हैंड्स सूरत शिक्षा सेवा के क्षेत्र में देशभर में अपनी विशेष पहचान रखती है। संस्था के महेश खटोड़ ने बताया कि संस्था प्रतिवर्ष गणपति महोत्सव के दौरान विभिन्न गणपति पंडालों पर व्यापक स्तर पर स्टेशनरी संग्रह अभियान चलाती है। इस अभियान के माध्यम से हर वर्ष लगभग 10,000 आदिवासी जरूरतमंद बच्चों तक शैक्षणिक सामग्री पहुंचाई जाती है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 60,000 जरूरतमंद बच्चों को स्टेशनरी उपलब्ध कराई जा चुकी है और यह सेवा कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जहां भी आवश्यकता होगी, हेल्पिंग हैंड्स सूरत सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेगा।

संस्था के अध्यक्ष दिनेश चांडक ने बताया कि इस अनूठे सेवा अभियान के लिए हेल्पिंग हैंड्स सूरत का नाम "इंडिया बुक्स ऑफ रिकॉर्ड्स" में भी दर्ज हो चुका है। इस वर्ष नेकी का द्वार फाउंडेशन, डेगाना के आग्रह पर उदयपुर के सुदूर आदिवासी क्षेत्र के 17 विद्यालयों का चयन किया गया। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त एवं भामाशाह प्रेरक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रेलवे ट्रेनिंग, उदयपुर के शिक्षक दुर्गाराम मुवाल के निर्देशन में पवन सोमानी, पवन खटोड़ और अभिषेक सोनी ने स्टेशनरी वितरण का कार्य संपन्न कराया।

इस अभियान के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मादड़ी, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परगियापाड़ा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय जातपुरा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय देविनबारा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय घाटीवसाला, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भील बस्ती, राजकीय प्राथमिक विद्यालय खजूरिया खेड़ा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय गुलाब कॉलोनी, शिक्षा सेंटर लोहारी (कोटड़ा), राजकीय प्राथमिक विद्यालय माकड़ी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरका खेड़ा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय मोरमगरा, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय काडा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भंवरिया, राजकीय प्राथमिक विद्यालय रतवाण तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भाट सहित कुल 17 विद्यालयों में स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मादड़ी की प्रधानाचार्य जागृति मेघवाल तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय काडा के प्रधानाचार्य मोहन सिंह बुडानिया ने इस सेवा कार्य के लिए भामाशाह का आभार व्यक्त किया।

इसी दौरान डेगाना से पहुंचे पवन सोमानी, पवन खटोड़ और अभिषेक सोनी ने दुर्गाराम मुवाल के मार्गदर्शन में वारी फाउंडेशन द्वारा संचालित दृष्टि दिव्यांग बालिका छात्रावास का अवलोकन किया। छात्रावास में दिव्यांग बालिकाओं के लिए उपलब्ध उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने भविष्य में छात्रावास के लिए हरसंभव सहयोग देने की घोषणा की।

इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए ऐसे सेवा अभियान अत्यंत प्रेरणादायी हैं। हेल्पिंग हैंड्स सूरत और स्थानीय सहयोगियों के संयुक्त प्रयास से दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाने का यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।

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