नगर: स्थानीय श्री मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर में 19 मार्च से प्रारंभ हुए नौ दिवसीय सामूहिक श्री नवाह्नपारायण रामायण पाठ के आठवें दिन आज धर्मनगरी पूरी तरह राममय हो गई। भक्ति और उत्साह के साथ आयोजित इस अनुष्ठान में रामायण के सर्वाधिक प्रभावशाली प्रसंगों—अङ्गद-रावण संवाद, लक्ष्मण मूर्छा, कुंभकर्ण एवं मेघनाद वध से लेकर रावण वध और भावुक कर देने वाले भरत-हनुमान मिलन तक का पाठ किया गया। इन प्रसंगों के सस्वर वाचन के दौरान उपस्थित जनसमूह भक्ति रस में डूबा नजर आया, जिससे संपूर्ण मंदिर परिसर का वातावरण अत्यंत आध्यात्मिक और ऊर्जावान हो उठा।

आयोजन की गरिमा बढ़ाते हुए नगर के पुरुष एवं महिला श्रद्धालुओं ने एक जाजम पर बैठकर सामूहिक रूप से पाठ किया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री सुबोधजी पाराशर द्वारा शास्त्रोक्त मंत्रोच्चार के साथ पूजन एवं देवताओं के आव्हान से हुआ। मुख्य व्यासपीठ से मानस पाठक श्री हिमांशु जी अग्रवाल, श्री इशान जी जोशी, श्री अशोक जी अग्रवाल एवं श्री नटवरजी अग्रवाल ने अपनी मधुर वाणी में सस्वर पाठ प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को आनंदित कर दिया। पाठ की पूर्णता के पश्चात पं. सीताराम जी शर्मा द्वारा रामायण जी एवं हनुमानजी की आरती उतारी गई, जिसके उपरांत उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।

इस आध्यात्मिक उत्सव का समापन कल दिनांक 27 मार्च 2026, शुक्रवार को विधि-विधान के साथ होगा। समापन दिवस के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए आयोजन समिति ने बताया कि शुक्रवार प्रातः 7 बजे से पाठ का प्रारंभ होगा, जिसके पश्चात प्रातः 10.30 बजे रामायण आरती की जाएगी। अपराह्न 3.00 बजे से हवन अनुष्ठान प्रारंभ होगा, जिसमें आहुतियां अर्पित की जाएंगी। अंत में शाम 5.00 बजे पूर्णाहुति, महाआरती और महाप्रसाद वितरण के साथ इस भव्य श्री नवाह्नपारायण रामायण पाठ का विधिवत समापन होगा। यह धार्मिक आयोजन न केवल श्रद्धा का केंद्र बना है, बल्कि इसने सामुदायिक एकता और सनातन संस्कृति की जीवंतता का भी परिचय दिया है।

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