'तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें'—इतिहास के इन अमर भावों से ओत-प्रोत मेवाड़ की वीर गाथाएं अब कैनवास पर जीवंत हो उठी हैं। हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु:शती समारोह के अंतर्गत सोमवार को उदयपुर के महाराणा भूपाल स्टेडियम, गांधी ग्राउंड में तीन दिवसीय हल्दीघाटी युद्ध विजय चित्र प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि यह प्रदर्शनी नई पीढ़ी को मेवाड़ की गौरवशाली परम्परा और बलिदानी विरासत से साक्षात्कार कराएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन चित्रों का अवलोकन करने मात्र से आने वाली पीढ़ी में राष्ट्रधर्म, संस्कृति, मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम और अटूट साहस के संस्कार जागृत होंगे।

प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रताप सिंह और भरतपुर ब्रज विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मदन सिंह राठौड़ विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान हल्दीघाटी विजय पर आधारित एक लघु फिल्म के पोस्टर का भी विधिवत लोकार्पण किया गया। प्रदर्शनी संयोजक डॉ. रमन सूद ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि प्रताप गौरव शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. विवेक भटनागर ने बताया कि प्रदर्शनी में कुल 169 चित्रों का संग्रह है, जिनमें 51 चित्र हल्दीघाटी युद्ध, जौहर और साकों पर केंद्रित हैं। इसके अलावा, 68 चित्र उदयपुर के ऐतिहासिक गलियारों व बाजारों की स्मृतियों को ताजा करते हैं, जबकि 50 चित्र देशभर के ख्यातिप्राप्त कलाकारों द्वारा महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित कार्यशालाओं में उकेरे गए हैं। इतिहासविदों ने अतिथियों को मेवाड़ के नगर नियोजन, जल प्रबंधन और शिल्प कौशल के सूक्ष्म पहलुओं से भी परिचित कराया।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति द्वारा संचालित प्रताप गौरव केन्द्र 'राष्ट्रीय तीर्थ' के तत्वावधान में आयोजित यह समारोह 17 जून को होने वाली विशाल राष्ट्र चेतना संकल्प सभा के साथ अपने चरम पर पहुंचेगा। इस संकल्प सभा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत संबोधित करेंगे। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर 16 जून को प्रताप गौरव केन्द्र में 57 फीट ऊंची महाराणा प्रताप की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक किया जाएगा। डॉ. भागवत मंगलवार शाम उदयपुर पहुंचेंगे और बुधवार को संकल्प सभा को संबोधित कर दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

आयोजन की गरिमा और सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए सुव्यवस्थित प्रवेश व पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विशिष्ट अतिथियों, साधु-संतों और प्रबुद्धजन के लिए गेट नंबर एक, दो, तीन-ए और तीन-बी से प्रवेश की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। शहर के प्रमुख मार्गों से आयोजन स्थल तक आवाजाही के लिए गोल्फ कार्ट और विशेष वाहनों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिन पर कार्यक्रम के बैनर प्रदर्शित होंगे। यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, अपितु मेवाड़ के शौर्य और राष्ट्र चेतना को नई पीढ़ी की स्मृतियों में स्थायी रूप से अंकित करने का एक ऐतिहासिक संकल्प है।

Updated On
Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story