उदयपुर। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने मंगलवार को उदयपुर शहर की महत्वाकांक्षी निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड परियोजना का सघन निरीक्षण किया। सिटी स्टेशन के समीप से लोहे की सीढ़ियों के सहारे ऊंचाई पर पहुंचे कटारिया ने करीब 200 मीटर पैदल चलकर कार्य की प्रगति और डिजाइन का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चल रहे कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों और निर्माण कंपनी को दोटूक शब्दों में निर्देशित किया कि परियोजना की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। कटारिया ने एलिवेटेड रोड की 12 मीटर चौड़ाई पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इसके पूर्ण होने से शहरवासियों को वर्षों पुरानी यातायात जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि पूर्व में इसके जल्द पूरा होने की संभावना थी, किंतु तकनीकी कारणों से अब अधिकारियों ने इसके अप्रैल 2027 तक पूर्ण होने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

निरीक्षण के समय उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन और निवर्तमान महापौर जीएस टांक भी राज्यपाल के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों ने कटारिया को अवगत कराया कि परियोजना के कुल 115 खंभों में से 55 खंभों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शेष पर कार्य निरंतर जारी है। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजरों ने बताया कि पिलर निर्माण के दौरान कुछ भौगोलिक और तकनीकी बाधाएं आ रही हैं, जिसके कारण डिजाइन में आंशिक परिवर्तन करना पड़ रहा है और इसी वजह से समय सीमा में विस्तार हुआ है। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सड़क के मध्य में 'पेंसिल डिवाइडर' लगाए जाएं ताकि वाहन अपनी-अपनी लेन में चल सकें और दुर्घटना की संभावना न रहे।

विधायक ताराचंद जैन ने इस दौरान महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि इस एलिवेटेड रोड पर जयपुर की तर्ज पर आकर्षक लाइटिंग की जानी चाहिए ताकि यह न केवल उपयोगी हो बल्कि शहर की सुंदरता में भी चार चांद लगाए। साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि एलिवेटेड रोड के नीचे के विशाल स्थान का उपयोग हजारों वाहनों की पार्किंग के लिए किया जाएगा, जिससे बाजारों में दुकानों के सामने होने वाले अतिक्रमण और जाम से स्थायी निजात मिल सकेगी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविन्द्र श्रीमाली, अतुल चंडालिया, राणा प्रताप मण्डल अध्यक्ष कन्हैया वैष्णव, भाजपा नेता दीपक बोल्या, अर्चना शर्मा, अरविंद जारोली और निगम के अधीक्षण अभियंता मनीष अरोड़ा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। यह परियोजना उदयपुर के भविष्य के बुनियादी ढांचे के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

Pratahkal HQ

Pratahkal HQ

Next Story