जीएसटी संग्रहण 2.43 लाख करोड़ के पार, विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने बताया अर्थव्यवस्था की मजबूती
अप्रैल 2025 में जीएसटी संग्रह के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचने और भारत में 30 करोड़ से अधिक लोगों के गरीबी से मुक्त होने पर विधायक ने साझा किए आर्थिक आंकड़े।

राजसमंद। विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने अप्रैल 2025 में जीएसटी संग्रहण के 2.43 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचने को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का जीवंत प्रमाण बताया है। जन संवाद केंद्र पर क्षेत्रवासियों से चर्चा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कर दरों में कमी किए जाने के बावजूद राजस्व में दर्ज की गई यह अभूतपूर्व वृद्धि बेहतर अनुपालन और देश में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों का प्रत्यक्ष संकेत है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना को निरंतर सशक्त कर रहा है। विधायक ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्रीय सुरक्षा, जनकल्याण और आर्थिक सुदृढ़ता पर आधारित नीतियों ने भारत को वैश्विक चुनौतियों के मध्य भी विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। उनके अनुसार यह राजनीतिक अर्थशास्त्र की उस नई सोच का सुखद परिणाम है, जिसमें विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है।
आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सामाजिक सुधारों का उल्लेख करते हुए विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने लगभग 30.2 करोड़ लोगों को गरीबी के चक्र से बाहर निकालकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की है, जो कि लगभग अमेरिका की संपूर्ण आबादी के बराबर है। इस वैश्विक सफलता में राजस्थान का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जहां के 2.25 करोड़ नागरिक गरीबी से मुक्त हुए हैं। इसे आधुनिक इतिहास में गरीबी उन्मूलन की सबसे बड़ी सफलताओं में गिना जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने वाली मोदी सरकार की योजनाओं ने सीधे तौर पर गरीबी की जड़ों पर प्रहार किया है। इस दौरान जनसंवाद केंद्र पर विधायक ने क्षेत्रवासियों की विभिन्न समस्याएं भी सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने दोहराया कि जनहित के प्रत्येक विषय का संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

