डामोर अध्यक्ष, हाजाराम बने महासचिव, सुंदरा विद्यालय विकास समिति में नई कार्यकारिणी गठित
सुंदरा विद्यालय भामाशाह विकास समिति की बैठक में नई कार्यकारिणी गठित हुई। डामोर अध्यक्ष और हाजाराम महासचिव बने, डोम निर्माण का प्रस्ताव लिया।

तस्वीर में खेरवाड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुंदरा में विद्यालय भामाशाह विकास समिति की बैठक के दौरान प्रधानाचार्य और मनोनीत कार्यकारिणी के सदस्य नजर आ रहे हैं।
खेरवाड़ा, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुंदरा में विद्यालय भामाशाह विकास समिति की बैठक प्रधानाचार्य कमला शंकर दरंगा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से फूलशंकर डामोर को समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
समिति की नई कार्यकारिणी में मान सिंह डामोर को उपाध्यक्ष, हाजाराम डामोर को महासचिव, पूर्व सरपंच शंभूलाल मीणा को संरक्षक, अशोक कुमार त्रिवेदी को कोषाध्यक्ष, उपसरपंच शशिकांत त्रिवेदी को सहायक कोषाध्यक्ष तथा राजेंद्र कुमार मीणा को सहायक सचिव मनोनीत किया गया। वहीं यशवंत व्यास को मार्गदर्शक बनाया गया।
इसके अलावा वाला राम मीणा, गणेश लाल ननमा, सुरेंद्र कुमार डामोर, अधिवक्ता हरीश मीणा एवं आनंद ननमा को समिति सदस्य मनोनीत किया गया।
बैठक में विद्यालय परिसर में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों के खुले में बैठने से बारिश एवं धूप के समय होने वाली परेशानी पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रार्थना सभा स्थल पर डोम निर्माण का प्रस्ताव लिया गया।
डोम निर्माण के लिए भामाशाहों से सहयोग राशि एकत्रित करने तथा सहयोग करने वाले भामाशाहों का सम्मान करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में गठित नई कार्यकारिणी से विद्यालय विकास से जुड़े कार्यों को गति देने और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रस्तावित डोम निर्माण को आगे बढ़ाने पर जोर रहा।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
दिनेश कुमार जैन पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी और विश्वसनीय नाम हैं। उन्होंने पिछले लगभग 8 वर्षों से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनहित से जुड़े मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकारों तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।
उन्होंने जनवरी 2020 से प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक नवज्योति में संवाददाता, खेरवाड़ा एवं नयागांव ब्लॉक (जिला उदयपुर) के रूप में कार्य करते हुए तहसील एवं ब्लॉक स्तर की खबरों को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाया। इससे पूर्व वे लगभग दो वर्षों तक राजस्थान पत्रिका से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
खेरवाड़ा, नयागांव तथा आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं, विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं सामाजिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ रही है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित आधारित पत्रकारिता उनकी पहचान है।
वर्तमान में प्रातःकाल के साथ जुड़कर वे अपने व्यापक अनुभव और क्षेत्रीय समझ के माध्यम से पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावशाली समाचार पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य समाज की आवाज को सशक्त मंच प्रदान करना तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।
