उदयपुर (वि.)। अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और अवैध खनन को रोकने के लिए राज्य सरकार ने कठोर कदम उठाते हुए उदयपुर समेत अरावली विस्तार वाले सभी जिलों में 29 दिसंबर से 15 जनवरी तक विशेष अभियान शुरू किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य अवैध खनन, निर्गमन और भंडारण पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई करना है।

अभियान की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टर नमित मेहता और पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों की बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़, गिर्वा एसडीएम अवुला सांईकृष्ण, उप वन संरक्षक वन्यजीव यादवेंद्रसिंह चुण्डावत, खनिज अभियंता आसिफ अंसारी, परिवहन अधिकारी मुकेश डाड, सहायक वन संरक्षक सुरेखा चौधरी और पुलिस निरीक्षक कर्मवीरसिंह उपस्थित रहे। जिले के सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, पुलिस वृत्ताधिकारी और थानाधिकारी भी वीसी के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

जिला कलेक्टर नमित मेहता ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अरावली पर्वतमाला के संरक्षण में राज्य सरकार पूरी तरह गंभीर है। मुख्यमंत्री स्वयं अभियान की निगरानी कर रहे हैं, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी पूर्ण गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि उपखण्ड स्तरीय टीमों को डीएमएफटी से वाहन उपलब्ध कराए जाएँ और खनिज अभियंता खनन लीज, क्षेत्रफल और संवेदनशील स्थलों की पूरी जानकारी उपखण्ड मजिस्ट्रेट को उपलब्ध कराएँ।

पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने सभी पुलिस अधिकारियों को अन्य विभागों के साथ समन्वय में काम करने और अवैध खनन को पूर्णतः बंद कराने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने की हिदायत दी। राज्य सरकार के निर्देशानुसार अभियान अलवर, खैरथल-तिजारा, झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, दौसा, कोटपूतली-बहरोड़, अजमेर, भीलवाड़ा, ब्यावर, टोंक, कुचामन-डीडवाना, पाली, सिरोही, राजसमंद, उदयपुर, सलूंबर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में चलाया जा रहा है।

अभियान की मॉनिटरिंग जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी। वहीं, उपखण्ड मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में बनाई गई स्पेशल टास्क फोर्स अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध खनन, निर्गमन और परिवहन गतिविधियों की सतत निगरानी करते हुए कार्रवाई करेगी। टीमों में खनन, राजस्व, वन, पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी-कार्मिक शामिल रहेंगे। इसके अतिरिक्त जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी संयुक्त टीमों के साथ आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। अवैध खनन स्थलों की पहचान और निगरानी के लिए ड्रोन सर्वे का उपयोग किया जाएगा, जिससे किसी भी अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई संभव हो सके।

इस अभियान के माध्यम से राज्य सरकार ने अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन की रक्षा के प्रति अपनी गंभीर प्रतिबद्धता को स्पष्ट कर दिया है।

कैप्शन: उदयपुर। अवैध खनन के विरूद्ध अभियान को लेकर बैठक लेते जिला कलेक्टर नमित मेहता और पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story