गोगुंदा: खाखड़ी में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही पर विवाद, ग्रामीणों ने लगाए भेदभाव के आरोप
ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आराजी संख्या 702 और 1440 के पूर्ण सीमांकन और सभी पर समान कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

गोगुंदा उपखंड कार्यालय के बाहर गुरुवार को खाखड़ी गांव के ग्रामीण और महिलाएं प्रशासन द्वारा की जा रही एकतरफा अतिक्रमण विरोधी कार्यवाही के विरोध में प्रदर्शन करते हुए।
गोगुंदा उपखंड क्षेत्र के खाखड़ी में आराजी नंबर 702 एवं 1440 से अतिक्रमण हटाने के खिलाफ खाखड़ी गांव के कई ग्रामीण एवं महिलाएं गुरुवार को उपखंड कार्यालय पहुंचे जहाँ उन्होंने उपखंड अधिकारी शुभम भैंसारे को एक ज्ञापन सौंपकर प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त आराजी संख्या में कई लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है, लेकिन प्रशासन सिर्फ चार-पांच लोगों के ही कब्जे हटाने पर उतारू है।
70 वर्षों पुराने पट्टों का दिया हवाला
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के नाना लाल गायरी पुत्र कन्ना, कैसा गायरी पुत्र भजा, गैगा गायरी पुत्र भजा, कन्ना गायरी पुत्र भजा, मोती लाल गमेती पुत्र नवा, होमा गमेती पुत्र नवा, राजू गायरी पुत्र भजा के द्वारा 70 वर्षों पूर्व ग्राम पंचायत से पट्टा लेकर वहां निर्माण करवाया था। लेकिन गांव के ही कुछ लोग बार-बार तहसील में शिकायत कर उनके कब्जे खाली करवाने पर उतारू हैं। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने भी अन्य लोगों के अतिक्रमण हटाने के लिए प्रार्थना पत्र तत्कालीन तहसीलदार को दिए थे, लेकिन फिर भी उनकी रिपोर्ट पर कोई सुनवाई नहीं हुई, बल्कि वो सभी भी अवैध रूप से उसी आराजी में बैठे हुए हैं।
"समान कार्यवाही हो अन्यथा एकतरफा नहीं"
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि उक्त दोनों आराजी में कई लोगों के पक्के मकान बन गए हैं, क्या प्रशासन उन्हें हटाएगा? उन्होंने एसडीएम भैंसारे से स्पष्ट कहा कि कार्यवाही की जाए तो सभी के समान रूप से की जाए अन्यथा एकतरफा नहीं करे। इस दौरान गांव की महिलाएं भी बोलीं कि गांव में कई लोगों के कब्जे हैं, एक व्यक्ति सिर्फ उन्हीं के पीछे पड़ा है जबकि और लोग कोई कुछ नहीं कह रहे हैं।
फर्जी हस्ताक्षरों से शिकायत का आरोप
पूरे मामले को विस्तार से बताते हुए ग्रामीणों ने कहा कि कुछ समय पहले गांव के ही दो-चार लोगों ने खाखड़ी गांव के गारीयावास मोहल्ले के अनपढ़ लोगों से फर्जी साइन करवाकर एक रिपोर्ट बनाई। जिसमें आराजी 702 एवं 1440 में कुछ लोगों के पक्का मकान और बाड़े हटाने का लिखकर तहसीलदार और जिला कलक्टर को सौंपी। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद जिनके कब्जे हटाने का हवाला दिया, उन सभी ने तत्कालीन तहसीलदार को भी एक रिपोर्ट दी कि शिकायतकर्ता और अन्य लोग भी इन आराजी में बैठे हुए हैं, जबकि शिकायत सिर्फ हमारे खिलाफ ही की गई। उन्होंने मांग की कि कार्यवाही सभी के लिए समान रूप से हो और दोनों आराजी का पहले सीमांकन कर कार्यवाही की जाए।
सड़क निर्माण की आड़ में कार्यवाही का विरोध
वर्तमान में खाकड़ी से मोटावीडा तक एक सड़क स्वीकृत हुई है, जिसका फायदा उठाते हुए शिकायतकर्ता ने फिर से जिला कलक्टर से अतिक्रमण हटाने की अपील की। अपील के बाद तहसीलदार ने आज 6 मार्च को कार्यवाही करने का एक आदेश निकाला, जिसे लेकर ग्रामीण तहसील पहुंचे और कार्यवाही रोकने की अपील की। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि पुष्पेंद्र गमेती, वार्डपंच नाना लाल गमेती, गोविंद गायरी, उदय लाल गायरी, धन्ना लाल गायरी, हेमेंद्र सिंह देवड़ा, भरत गमेती, पप्पू गायरी, डालू गायरी, राजू लाल गायरी, मंजू गायरी, तुलसी बाई, वसनी बाई सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
मामले पर जिम्मेदार प्रतिनिधियों और अधिकारियों के कथन
मजावडी ग्राम पंचायत की प्रशासक कमला बाई ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि — "गांव के प्रभावशाली लोग बार बार इन लोगों को परेशान कर रहे है। ग्राम पंचायत को इस कार्यवाही की कोई जानकारी नहीं है। फिर भी यदि प्रशासन अतिक्रमण हटाता है तो पहले आराजी 702 एवं 1440 का सीमांकन करे और सभी के खिलाफ समान रूप से कार्यवाही करे। प्रशासन एकतरफा कार्यवाही करेगा तो मैं इन लोगों के साथ मौके पर धरने पर बैठूंगी।"
वहीं, उपखंड अधिकारी शुभम भैसारे ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि — "सभी के साथ समान व्यवहार किया जाएगा। नियमानुसार सभी कब्जे एक साथ हटेंगे किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। पहले मैं पूरे मामले को दिखवाता हूं उसके बाद जो भी नियमानुसार कार्यवाही है उसे अमल में लाई जाएगी।"
पीड़ित पक्ष के ग्रामीणों ने अपनी व्यथा बताते हुए चेतावनी दी कि — "प्रशासन एकतरफा कार्यवाही नहीं करे। हमने जो शिकायत दी उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। हम गरीब लोग है। सामने जो शिकायत कर रहे है वो सक्षम है इसलिए प्रशासन उन्हीं की सुन रहा है। यदि एकतरफा कोई कार्यवाही होगी तो हम भी वहीं मरेंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी अन्यथा नियमानुसार दोनों आराजी का सीमांकन कर सभी के एक साथ कार्यवाही करे।"

Pratahkal Bureau
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