रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपने भारतीय समकक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान भारत और इटली के बढ़ते कूटनीतिक संबंधों को एक नई दिशा प्रदान की है। इस दौरान उन्होंने हिंदी भाषा की एक चिर-परिचित कहावत—'परिश्रम ही सफलता की कुंजी है'—का उल्लेख कर वैश्विक मंच पर भारतीय मूल्यों के प्रति अपनी गहरी प्रशंसा व्यक्त की। मेलोनी का यह संबोधन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के एक नए और सशक्त अध्याय के सूत्रपात का प्रतीक माना जा रहा है।

इतालवी प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा इटली के लिए अत्यंत सम्मान का विषय है और इसने दोनों देशों के बीच सहयोग की एक नई गाथा को जन्म दिया है। मेलोनी ने स्पष्ट किया कि भारत और इटली के बीच साझा की जा रही इस लंबी साझेदारी की पुस्तक का यह कोई अंतिम पृष्ठ नहीं है, बल्कि यह निरंतर बढ़ते हुए मजबूत संकल्प का एक पड़ाव है। उन्होंने प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि हम अपने संयुक्त कार्यों को सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

अपने संबोधन में 'परिश्रम' शब्द की महत्ता को रेखांकित करते हुए मेलोनी ने कहा कि यह भारतीय शब्द उस भावना को जीवंत करता है, जो कठिन परिश्रम और समर्पण का सार है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वे भली-भांति जानती हैं कि भारत में इस शब्द का कितना व्यापक उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि 'परिश्रम ही सफलता की कुंजी है' का अर्थ ही यह है कि कठिन मेहनत ही सफलता का एकमात्र सुनिश्चित मार्ग है। इतालवी प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इसी सोच के साथ भारत और इटली अपने संबंधों को भविष्य में और अधिक सुदृढ़ करेंगे, जहाँ आपसी मेहनत और साझा दृष्टिकोण सबसे अधिक महत्व रखते हैं।

Pratahkal HQ

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