झालावाड़: गायत्री समाज ने मनाई अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती
झालावाड़ चौखला (झाडोल) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाज की होनहार प्रतिभाओं को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

झालावाड़ के झाडोल चौखला में राजमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती पर आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान चित्र पर माल्यार्पण करते गायत्री समाज के पदाधिकारी।
गायत्री समाज झालावाड़ चौखला (झाडोल) द्वारा राजमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के पावन अवसर पर एक विशाल एवं भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का गरिमामयी आयोजन किया गया। समाज की एकता, गौरव और शैक्षणिक चेतना को प्रदर्शित करते इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में क्षेत्र की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया। इस विशेष समागम में समाज के प्रबुद्ध जनों, युवाओं और महिलाओं ने भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाया।
इस भव्य कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा अध्यक्ष भीमराज जी आवरडा द्वारा की गई। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ अध्यक्ष कन्हैया लाल जी गोराणा उपस्थित रहे। वहीं, विशिष्ट अतिथियों के रूप में वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवी लाल जी बीडा, वरिष्ठ सचिव रेवाशंकर जी वेलनिया, वरिष्ठ कोषाध्यक्ष रामलाल जी लीलावास, तुलसी रामजी चन्दवास, युवा सचिव रोशन जी गरडा, युवा कोषाध्यक्ष रोशन जी चांगला, खेमराज जी गौराणा, उदय लाल जी राजपुरा, गोपाल जी गरडा, हरिराम जी गरडा, गोपी लाल जी बीडा, लक्ष्मण जी बीडा तथा लालु रामजी सगपुरा मंच पर विराजमान रहे। इन सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की सार्थकता को और अधिक बढ़ा दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा राजमाता अहिल्या बाई होल्कर के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात, भगवती लालजी चन्दवास ने अपने ओजस्वी स्वागत उद्बोधन से समारोह में पधारे सभी अतिथियों, समाजसेवियों और आगंतुकों का आत्मीय अभिनंदन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन की कमान चुन्नी लालजी खाखड ने संभाली, जिन्होंने अपनी उत्कृष्ट संचालन शैली से पूरे सदन को बांधे रखा और कार्यक्रम के प्रवाह को बनाए रखा।
इस प्रतिभा सम्मान समारोह के अंतर्गत समाज के उन होनहार छात्र-छात्राओं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से गायत्री समाज का नाम रोशन किया है। वक्ताओं ने राजमाता अहिल्या बाई होल्कर के जीवन चरित्र, उनके न्याय, महिला सशक्तिकरण और समाज सुधार के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
समारोह के समापन चरण में समस्त उपस्थित वरिष्ठजनों, युवा वर्ग और मातृशक्ति का आभार प्रकट करते हुए गोपाल जी चन्दवास ने धन्यवाद ज्ञापित किया। यह आयोजन न केवल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने में सफल रहा, बल्कि इसने संपूर्ण गायत्री समाज को एकजुटता और राष्ट्र माता अहिल्या बाई के आदर्शों पर चलने का एक सशक्त संदेश भी दिया।

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