खेरोदा, 31 अगस्त 2026। मेवाड़ के प्रसिद्ध पारंपरिक लोकनाट्य गवरी का खेरोदा कस्बे में विधिवत शुभारंभ हुआ। संग्रामपुरा (खेरोदा) में गवरी लेने की पारंपरिक रस्म पूरी की गई। कस्बे के बस स्टैंड स्थित महंत महेंद्र गिरी गोस्वामी ने शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना कर गवरी की शुरुआत कराई।

इस अवसर पर बोड़ी माताजी के भोपाजी भगा गमेती, गुड़लिया, दो राई सहित सभी गवरी कलाकारों ने माताजी की विशेष आराधना की और गवरी धारण की। धार्मिक अनुष्ठान के साथ कलाकारों ने सवा महीने तक चलने वाले इस लोकपर्व के दौरान कठिन व्रत, तप और कड़े नियमों की पालना करने का संकल्प लिया।

गवरी धारण करने की पारंपरिक रस्म पूरी होने के बाद ढोल, थाली और मांदल की पारंपरिक थाप के बीच कस्बे में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का ग्रामीणों ने स्वागत किया। गवरी लेने के दौरान ग्रामीण एवं समाजजन भी उपस्थित रहे।

आगामी सवा माह तक क्षेत्र में थाली और मांदल की थाप के साथ गवरी लोकनाट्य के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इस दौरान पारंपरिक लोकनाट्य के माध्यम से गवरी की रस्म और आयोजन की परंपरा आगे बढ़ेगी।

Budhi prakash parashar (Udaipur)

Budhi prakash parashar (Udaipur)

नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर

वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार

परिचय 

बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:

  • वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
  • उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।

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