गंगापुर (प्रात:काल संवाददाता)। नगर स्थित माहेश्वरी सेवा संस्थान में श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा, जहाँ श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने भक्ति के सागर को जीवंत कर दिया। कथा व्यास स्वामी रामप्रसाद महाराज ने प्रवचन करते हुए उद्घोष किया कि परमात्मा ही समस्त जीवों के सच्चे पिता हैं, इसीलिए उन्हें 'परमपिता' की संज्ञा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवीय जीवन का संचालन पूर्णतः ईश्वर की कृपा पर निर्भर है और वही एक शक्ति हैं जो समस्त कष्टों का निवारण कर प्रत्येक विषम परिस्थिति में साधक का संबल बनकर साथ निभाते हैं।

कथा के दौरान स्वामी रामप्रसाद महाराज ने व्यास और नारद मुनि के बीच हुए संवाद के माध्यम से जीवन में सत्संग की महत्ता और आवश्यकता पर विशेष प्रकाश डाला। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान ध्रुव चरित्र की अत्यंत आकर्षक और मनोहारी झांकी सजाई गई, जिसने उपस्थित भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चारभुजा भगवान के भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में झूमते नजर आए। कथा के समापन पर आयोजक लढ़ा परिवार द्वारा प्रभु की भव्य आरती उतारी गई और उपस्थित जनसमूह में प्रसाद का वितरण किया गया।

आयोजक अशोक कुमार लढ़ा ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, इसी पावन क्रम में रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक ज्ञानीराम महाराज के मुखारविंद से 'नानी बाई रो मायरो' कथा का भी आयोजन किया जाएगा।

Pratahkal HQ

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