डूंगरपुर। राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों से पूर्व दो से अधिक संतान वाले लोगों के चुनाव लड़ने पर लगी रोक को समाप्त करने की मांग जोर पकड़ रही है। इस सिलसिले में पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा ने मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर इसे हटाने की अपील की है।

पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा के निजी सचिव ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में दो से अधिक संतान होने पर व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। यह नियम जनजाति उपयोजना क्षेत्र और गैर-जनजाति उपयोजना क्षेत्र दोनों में लागू है। इसका परिणाम यह हुआ है कि कई योग्य और अनुभवी लोग केवल इसलिए जनप्रतिनिधि नहीं बन पा रहे हैं क्योंकि उनकी दो से अधिक संताने हैं।

संबंधित पत्र में कटारा ने लिखा कि इस प्रकार की बाध्यता जनप्रतिनिधियों की भावनाओं और संगठन हित के अनुरूप नहीं है। आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने यह सुझाव दिया कि राजस्थान में दो से अधिक संतान वाले लोग भी चुनाव लड़ सकें। उन्होंने कहा कि इस नियम में बदलाव से न केवल योग्य उम्मीदवारों को मौका मिलेगा, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनप्रतिनिधित्व की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।

राज्य में यह विषय महत्वपूर्ण इसलिए भी बन गया है क्योंकि चुनावी प्रतिबंध से कई सक्षम और जनसेवी व्यक्तियों की भागीदारी बाधित हो रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों के निर्णय पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

पूर्व राज्यमंत्री के इस कदम को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर यह मांग मान ली जाती है, तो राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों में अधिक व्यापक और अनुभवी उम्मीदवारों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।

Pratahkal Bureau

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