फतहनगर: दिन में जलती स्ट्रीट लाइटों से बिजली की बर्बादी, पालिका प्रशासन पर उठे सवाल
डेढ़ करोड़ रुपये का बकाया होने के बावजूद लापरवाही जारी, निवर्तमान पार्षद विनोद धर्मावत ने टाइमर सिस्टम और पनघटों पर हैंडपंप लगाने का दिया सुझाव।

फतहनगर में दिन के उजाले में जलती स्ट्रीट लाइटें प्रशासनिक लापरवाही और संसाधनों के दुरुपयोग को दर्शाती हैं, जिससे आर्थिक भार बढ़ने की आशंका है।
फतहनगर। सरकार द्वारा बिजली बचत और संसाधनों के सदुपयोग को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बीच फतहनगर में प्रशासनिक लापरवाही की गंभीर तस्वीर सामने आई है। नगर के विभिन्न वार्डों और मुख्य मार्गों पर दिन के उजाले में भी स्ट्रीट लाइटें लगातार जल रही हैं, जिससे विद्युत की भारी बर्बादी हो रही है और पालिका प्रशासन की सजगता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों में इस स्थिति को लेकर भारी रोष है। एक ओर आमजन को मितव्ययिता का पाठ पढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार विभाग की अनदेखी से सरकारी संसाधनों का खुला दुरुपयोग हो रहा है। प्रशासनिक अमले की ढुलमुल कार्यशैली ने जनता के बीच विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न कर दी है।
गौरतलब है कि यही फतहनगर कुछ समय पूर्व उस समय अंधेरे में डूब गया था, जब विद्युत वितरण निगम ने नगर पालिका पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बकाया होने के चलते स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काट दिए थे। उस दौरान पूरा नगर दो दिनों तक अंधकार में रहा और आमजन को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। इतनी बड़ी चेतावनी के बावजूद प्रशासन ने व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं, जो भविष्य में फिर से आर्थिक संकट की आशंका को जन्म दे रहे हैं।
मामला केवल स्ट्रीट लाइटों तक सीमित नहीं है। नगर में संचालित पनघट योजनाओं की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। जानकारी के अनुसार कई स्थानों पर पनघट योजनाओं के विद्युत कनेक्शन सीधे रोड लाइट लाइन से जोड़ दिए गए हैं। इस तकनीकी खामी के कारण बिजली की अनावश्यक खपत बढ़ रही है और पानी के दुरुपयोग की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। सार्वजनिक संसाधनों की इस अनियंत्रित बर्बादी पर किसी भी स्तर पर निगरानी का अभाव स्पष्ट दिखाई देता है।
इस अव्यवस्था को लेकर निवर्तमान पार्षद विनोद धर्मावत ने प्रशासन को कड़े सुझाव देते हुए समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि मानवीय लापरवाही को समाप्त करने के लिए सभी स्ट्रीट लाइटों को अविलंब ‘टाइमर सिस्टम’ से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि निर्धारित समय के अनुसार लाइटें स्वतः संचालित हो सकें। इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि नगर के पनघटों पर हैंडपंप स्थापित किए जाएं, ताकि नागरिक आवश्यकता अनुसार स्वयं पानी निकाल सकें और बिजली पर निर्भरता कम हो।
नगरवासियों ने पालिका प्रशासन से मांग की है कि वह कुंभकर्णी नींद से जागे और इन तकनीकी सुधारों को तुरंत लागू करे, अन्यथा बढ़ते आर्थिक भार का खामियाजा एक बार फिर जनता को भुगतना पड़ सकता है।

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