फतहनगर: स्कूल में शिक्षकों की कमी पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को ज्ञापन
छात्र-अभिभावक परिषद ने 11 व्याख्याताओं के रिक्त पदों और काउंसलिंग पोर्टल में तकनीकी विसंगति को लेकर मंत्री से समाधान और सुदृढ़ शैक्षणिक व्यवस्था की मांग की।

फतहनगर। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फतेहनगर में शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण चरमराई शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर छात्र-अभिभावक परिषद ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से शिष्टाचार भेंट कर विद्यालय की ज्वलंत समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधियों ने मंत्री को स्पष्ट किया कि वर्तमान में विद्यालय में 11 व्याख्याताओं (लेक्चरर) के पद रिक्त चल रहे हैं, जबकि आधा दर्जन से अधिक अन्य शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों पर भी नियुक्तियां शेष हैं। इस गंभीर कमी के चलते विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है और नियमित पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एक तकनीकी विसंगति की ओर भी मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान पोर्टल पर फतेहनगर विद्यालय का नाम ही प्रदर्शित नहीं हो रहा है, जिससे रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में बाधा आ रही है और अभिभावकों सहित छात्रों को मानसिक संताप झेलना पड़ रहा है। परिषद की ओर से सौंपे गए मांग पत्र पर त्वरित संज्ञान लेते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आश्वस्त किया कि रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा और तकनीकी खामियों को सुधार कर शिक्षण व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधियों ने भामाशाह योजना के तहत दानदाता ओम प्रकाश अग्रवाल द्वारा प्रस्तावित विकास कार्यों की रूपरेखा भी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत की। शिक्षा मंत्री से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद अब क्षेत्रवासियों में विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण में सुधार की नई उम्मीद जगी है।

