फतहनगर-सनवाड़ पालिका में चेयरमैन पद पर घमासान, भाजपा-कांग्रेस में जोड़-तोड़ तेज
फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका चुनाव में भाजपा को कांग्रेस से महज एक सीट की बढ़त मिली है। महिला चेयरमैन पद के लिए कृष्णा तेली, सीमा सोनी और प्रियंका बड़ालमिया के नाम चर्चा में हैं, जबकि बोर्ड गठन को लेकर समीकरण तेज हैं।

फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब शहर की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र चेयरमैन पद बन गया है। भाजपा को कांग्रेस से महज एक सीट अधिक मिलने के कारण बोर्ड गठन को लेकर दोनों प्रमुख दलों में राजनीतिक समीकरण साधने की कवायद तेज हो गई है। चेयरमैन पद महिला के लिए आरक्षित होने से भाजपा और कांग्रेस में महिला पार्षदों के नामों को लेकर भी कयासबाजी शुरू हो गई है।
चुनाव परिणाम के बाद सबसे बड़ा सवाल नगरपालिका की कमान किस दल के हाथ में जाएगी और चेयरमैन की कुर्सी पर कौन बैठेगा, इसे लेकर चर्चाएं जारी हैं। भाजपा को बढ़त हासिल है, लेकिन बहुमत के आंकड़े और पार्षदों के बीच बनने वाले समीकरणों को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में दोनों दलों की रणनीति और पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
भाजपा में चेयरमैन पद के लिए कई महिला पार्षदों के नाम चर्चा में हैं। इनमें तीन बार की पार्षद कृष्णा तेली की दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है। इसके अलावा सीमा सोनी और प्रियंका बड़ालमिया के नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में हैं। पार्टी नेतृत्व किस नाम पर अंतिम मुहर लगाता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
सनवाड़ क्षेत्र से भाजपा को मिला जनादेश भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सनवाड़ से मिले मजबूत समर्थन के आधार पर यहां के पार्षदों की भूमिका बोर्ड गठन और चेयरमैन चयन में अहम हो सकती है। ऐसे में फतहनगर और सनवाड़ दोनों क्षेत्रों के बीच राजनीतिक संतुलन साधना भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा।
दूसरी ओर कांग्रेस भी भाजपा के मुकाबले महज एक सीट के अंतर को देखते हुए अपने विकल्प खुले रखे हुए है। पार्टी की नजर उन पार्षदों पर भी हो सकती है, जिनके साथ व्यक्तिगत अथवा स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं। चुनाव के दौरान टिकट वितरण, नाराजगी और भीतरघात को लेकर सामने आई चर्चाओं के बाद चुनाव परिणाम ने इन समीकरणों को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
नगरपालिका में चेयरमैन का चुनाव केवल दलगत संख्या तक सीमित नहीं रह गया है। व्यक्तिगत संबंध, पार्षदों की आपसी सहमति और स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी भूमिका निभा सकते हैं। परिणाम आने के साथ ही पार्षदों के बीच संपर्क और बैठकों का दौर शुरू होने की चर्चाएं शहर में जोर पकड़ रही हैं।
कम अंतर से बने चुनावी समीकरणों के चलते राजनीतिक हलकों में जोड़-तोड़ और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को लेकर भी जनचर्चा है। हालांकि दोनों ही दल अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने का प्रयास करेंगे। आने वाले दिनों में कौन सा दल अपने पार्षदों का समर्थन मजबूत तरीके से बनाए रखता है, यह बोर्ड गठन में महत्वपूर्ण होगा।
अब सभी की निगाहें पार्टी नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं। भाजपा के सामने अपनी बढ़त को बहुमत में बदलकर बोर्ड बनाने की चुनौती है, जबकि कांग्रेस के लिए कम अंतर का फायदा उठाते हुए राजनीतिक समीकरण अपने पक्ष में करना बड़ी रणनीतिक परीक्षा होगी। चेयरमैन पद को लेकर शुरू हुई राजनीतिक कवायद आने वाले दिनों में फतहनगर-सनवाड़ की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बनी रहेगी।

Vikas Chawada (Udaipur)
नाम: विकास चावड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता (दैनिक प्रातःकाल, फतहनगर क्षेत्र)
कार्यक्षेत्र: फतहनगर, तहसील: मावली, जिला: उदयपुर (राजस्थान)
अनुभव: साल 2020 से लगातार सक्रिय
बीट और मुख्य विषय
- स्थानीय समाचार: तहसील मावली के विभिन्न गांवों सहित फतहनगर-सनवाड़ पालिका क्षेत्र के स्थानीय समाचारों की नियमित कवरेज।
- राजनैतिक एवं क्राइम: क्षेत्र की राजनीतिक हलचल, कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग।
- जन समस्याएं व समसामयिक विषय: स्थानीय नागरिकों की समस्याएं, बुनियादी सुविधाएं और समसामयिक मुद्दों पर नियमित लेखन व रिपोर्टिंग।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
हायर सेकेंडरी
