फतहनगर में भव्य पारणा महोत्सव संपन्न, शताधिक तपस्वियों का हुआ सम्मान
अक्षय तृतीया पर श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ द्वारा आयोजित समारोह में कोमल मुनि महाराज के सानिध्य में तपस्वियों का बहुमान और पारणा संपन्न हुआ।

अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर फतहनगर की धरा आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठी, जहाँ श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में आयोजित भव्य पारणा महोत्सव पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। श्री अंबेश गुरु मेमोरियल संस्थान 'पावन धाम' में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में मेवाड़ सहित देश के विभिन्न कोनों से आए श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया। यह महोत्सव श्रमण संघीय उप प्रवर्तक कोमल मुनि महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित हुआ, जिसमें उपप्रवर्तनी विजय प्रभा महाराज, रमिला कंवर महाराज, एषणा श्रीजी तथा महासती महिमा महाराज सहित विशाल संत-साध्वी मंडल की उपस्थिति ने वातावरण को पावन बना दिया।
धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला प्रातः 7:30 बजे नवकारसी के साथ प्रारंभ हुई, जिसके पश्चात संत-साध्वियों के प्रेरक प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति का अनुभव कराया। अपने ओजस्वी उद्बोधन में कोमल मुनि महाराज ने त्याग, तपस्या और संयम को जीवन का आधार स्तंभ बताते हुए कहा कि तप आत्मशुद्धि का वह श्रेष्ठ मार्ग है जिससे व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। इस अवसर पर शताधिक तपस्वी भाई-बहनों की कठिन साधना का बहुमान करते हुए उनका भावभीना सम्मान किया गया। दोपहर 12:15 बजे के शुभ मुहूर्त में सभी तपस्वियों का विधि-विधान से पारणा संपन्न हुआ। इस दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान की अध्यक्षता मुंबई निवासी पारसमल बाफना परिवार द्वारा की गई।
समारोह की भव्यता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि जैन कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेमीचंद धाकड़ इसमें मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का आधिकारिक शुभारंभ अशोक कुमार सिंघवी परिवार द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ, वहीं कुंदनमल सेठिया एवं नितिन सेठिया परिवार ने आगत अतिथियों का स्वागत सत्कार किया। आयोजन के दौरान समाज के गौरव रमेश लोढ़ा को ‘समारोह मुकुटमणि’ तथा दिलीप नाबेड़ा को ‘समारोह सरताज’ की उपाधि से विभूषित किया गया। मंच पर पावन धाम संस्थान के अध्यक्ष मनोहर लाल लोढ़ा और महामंत्री दिनेश कुमार सिंघवी सहित कई गणमान्य विभूतियाँ आसीन रहीं।
आयोजन के समापन चरण में विभिन्न श्रेणियों के लाभार्थियों का सम्मान किया गया, जिसके उपरांत विशाल 'गौतम प्रसादी' का वितरण हुआ। विशेष बात यह रही कि इस महोत्सव में न केवल स्थानीय अपितु मुंबई, अहमदाबाद और सूरत जैसे महानगरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। फतहनगर जैन समाज के युवाओं ने अनुशासन और समर्पण के साथ संपूर्ण व्यवस्थाओं की कमान संभाली, जिससे आयोजन निर्विघ्न संपन्न हुआ। कवि ओम समदर्शी एवं निलेश पोखरना के कुशल संचालन में संपन्न हुए इस पारणा महोत्सव ने फतहनगर में भक्ति और सेवा की एक अमिट छाप छोड़ी है, जो लंबे समय तक धर्मप्राण जनता के स्मरण में जीवंत रहेगी।

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