फतहनगर में पशु संरक्षण और संवेदनशीलता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां घायल अवस्था में मिले एक नंदी महाराज के पेट से 100 किलो से अधिक प्लास्टिक, लोहे की धातु, सिक्के और अन्य खतरनाक वस्तुएं निकाली गईं। करीब 7 घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के बाद नंदी महाराज को नई जिंदगी मिली है।

जानकारी के अनुसार, समिति के कार्यकर्ताओं ने 4 दिन पूर्व घायल हालत में नंदी महाराज का रेस्क्यू किया था। प्राथमिक जांच में चिकित्सकों ने पाया कि लंबे समय से प्लास्टिक और कचरा खाने के कारण उसका पूरा पेट जाम हो चुका था। अत्यधिक प्लास्टिक जमा होने से उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए समिति ने तत्काल ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया।

निर्णय के बाद डॉक्टरों की टीम ने लगातार करीब 7 घंटे तक सर्जरी की। ऑपरेशन के दौरान नंदी महाराज के पेट से 100 किलो से अधिक प्लास्टिक, लोहे की धातु, सिक्के एवं अन्य कई हानिकारक वस्तुएं निकाली गईं। चिकित्सकों के अनुसार ऑपरेशन के बाद नंदी महाराज की स्थिति में पहले से सुधार है और उसकी निगरानी की जा रही है।

इस सफल ऑपरेशन में समिति के सदस्य डॉ. हरिओम कुमावत, ललित रेगर (LSA), मनीष रेगर (LSA), राहुल जी (LSA) एवं शांति लाल जटिया (LSA) की विशेष भूमिका रही। समिति ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्पण और लगातार प्रयासों से यह कठिन ऑपरेशन संभव हो पाया।

समिति ने मेडिकल सप्लाई में सहयोग देने वाले डॉ. रवि गोयल (गोयल हॉस्पिटल) एवं शशिकांत अग्रवाल (मातेश्वरी डिस्ट्रीब्यूटर) का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।

यह घटना एक बार फिर सड़कों पर प्लास्टिक कचरा फेंकने के गंभीर दुष्परिणामों को उजागर करती है। पशुओं द्वारा प्लास्टिक खाने से उनकी जान पर बनने वाले खतरे को देखते हुए शहरवासियों से स्वच्छता और जिम्मेदारी बरतने की अपील की जा रही है।

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Pratahkal Bureau

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