उदयपुर। ग्राम पंचायत डबोक में सरकारी भूमि पर फर्जी पट्टे जारी करने के सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। इस घोटाले में सरकार को 69 लाख 46 हजार 38 रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) बांसवाड़ा की टीम ने इस मामले में पद और अधिकारों का दुरुपयोग करने वाले 17 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया है।

एसीबी बांसवाड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने बताया कि अभियोजन विभाग के सहायक निदेशक राजेश कुमार पारीक के माध्यम से एसीबी-1 उदयपुर कोर्ट में यह आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत डबोक, पंचायत समिति मावली के तत्कालीन सरपंच शंकर पालीवाल, पटवारी संजय कुमार, ग्राम विकास अधिकारी प्रकाश पालीवाल, वार्ड पंच जगन्नाथ, पन्नालाल, वक्तू, भैरूलाल, मांगीलाल ढोली, प्रेमलाल समेत 17 व्यक्तियों ने आपसी मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर फर्जी तरीके से पट्टे जारी किए।

इन आरोपियों ने आठ पट्टे सीधे जारी करते हुए तथा 13 पट्टे निजी खातेदारी में दर्शाकर नियम विरुद्ध लाभार्थियों को मात्र दो सौ रुपये लेकर पट्टे प्रदान किए। जबकि, नियमानुसार उन्हें डीएलसी दर से भूमि आवंटन किया जाना चाहिए था। इस मनमानी से राज्य सरकार को 69 लाख 46 हजार 38 रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।

कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी 17 आरोपियों के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया है। वहीं, तत्कालीन ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव प्रकाश पालीवाल के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति लंबित होने के कारण उसके विरुद्ध मामला अस्थायी रूप से स्थगित रखा गया है।

एसीबी की इस कार्रवाई ने ग्रामीण निकायों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है, जहां सरकार को हुए नुकसान की भरपाई और दोषियों को दंडित करने की मांग उठ रही है।

Pratahkal Bureau

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