लसाड़िया। खनन क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल करते हुए खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी लसाड़िया डॉ. सिंटू कुमावत के निर्देशन में बोडकी माइंस के तीन नंबर क्षेत्र में सिलिकोसिस एवं टीबी स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर खदानों में काम करने वाले मजदूरों और स्टाफ के बीच फैलने वाली गंभीर व्यावसायिक बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगाया गया।

शिविर के दौरान माइंस में कार्यरत कुल 58 श्रमिकों और कर्मचारियों की गहन स्वास्थ्य जांच की गई। स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी चिकित्सक डॉ. कन्हैयालाल मीणा ने निभाई, जिन्होंने सभी श्रमिकों की प्रारंभिक जांच के साथ लक्षणों का मूल्यांकन किया। जांच के उपरांत 12 व्यक्तियों में संदिग्ध लक्षण पाए जाने पर उन्हें एक्स-रे एवं बलगम जांच के लिए अग्रिम परीक्षण हेतु भेजा गया, ताकि बीमारी की पुष्टि कर समय पर उपचार शुरू किया जा सके।

इस स्वास्थ्य शिविर का जिला स्तर से अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णु दयाल मीणा ने निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने खनन क्षेत्रों में इस तरह के नियमित स्वास्थ्य परीक्षणों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सिलिकोसिस और टीबी जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए सतत निगरानी और समयबद्ध जांच अत्यंत आवश्यक है।

शिविर के सफल आयोजन में एसटीएस राजेंद्र प्रसाद मीणा, बीपीओ गजेंद्र मेघवाल, शुभम चौधरी, नर्सिंग ऑफिसर कमलेश डामोर, लैब टेक्नीशियन दिशांत, कोमल सिस्टर तथा स्वच्छ कोऑर्डिनेटर संतोष वैष्णव सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम की सक्रिय भूमिका रही। यह पहल न केवल श्रमिकों के स्वास्थ्य के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि खनन क्षेत्रों में सुरक्षित और स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुई है।

Pratahkal Bureau

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