डूंगरपुर: डूंगरपुर पोलिटेक्निक महाविद्यालय में परीक्षा फार्म भरने को लेकर छात्रों और शिक्षकों के बीच विवाद गर्माया। वर्ष 2021 में पार्श्व प्रवेश के दौरान छात्रों को डिप्लोमा पूरा करने के लिए छह वर्ष की समयावधि दी गई थी। इसके बावजूद, वर्ष 2022 में तकनीकी शिक्षा बोर्ड, राजस्थान द्वारा नियमों में बदलाव कर समयसीमा घटाकर चार वर्ष कर दी गई। इस बदलाव की जानकारी महाविद्यालय के अध्यापक, प्रधानाचार्य और संबंधित छात्र-छात्राओं को नहीं थी।

15 नवम्बर को जब परीक्षा फार्म जारी किए गए, तब 2021 बैच के छात्रों के फार्म पोर्टल पर उपलब्ध नहीं थे। छात्रों ने इस स्थिति की जानकारी अपने अध्यापकों को दी और 2021 इंजीनियरिंग बैच के सभी छात्रों की सूची तैयार की। अगले दिन, 20 नवम्बर को छात्रों को जवाब मिला जिसमें नए नियम और शर्तें लागू होने की सूचना दी गई। इसी दौरान छात्रों, अध्यापकों और प्रधानाचार्य को नियम परिवर्तन की जानकारी हुई।

विवादित स्थिति को देखते हुए छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय आयोग, उदयपुर संभाग के अध्यक्ष प्रिंस कटारा से संपर्क किया और अपनी समस्या उजागर की। अध्यक्ष कटारा ने मामले को तुरंत संज्ञान में लेते हुए जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा, ताकि सभी 2021 बैच के छात्रों के परीक्षा फार्म पोर्टल पर उपलब्ध कराए जा सकें।

इस मामले ने शिक्षा व्यवस्था में नियमों के समय पर पालन और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा पर सवाल उठाया है। अधिकारियों की त्वरित कार्यवाही इस दिशा में अहम कदम के रूप में देखी जा रही है, जिससे प्रभावित छात्रों को न्याय मिलने की उम्मीद है।

Pratahkal Bureau

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