अजमेर विद्युत वितरण निगम के खिलाफ डूंगरपुर में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
डूंगरपुर के दामड़ी में अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और जांच की मांग की।

अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की अनियमित बिजली आपूर्ति और अघोषित कटौती के खिलाफ सोमवार को डूंगरपुर जिले के व्यास आश्रम दामड़ी में सैकड़ों ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। भीषण गर्मी के बीच गांव धावड़ी, कांकरी डूंगरी, ककलाई, नयागांव नीचला, माना तलाई, नाल फला, दोवड़ा, चितराटी, नरणिया और दामड़ी सहित कई गांवों के लोग एकत्र हुए और निगम के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि आक्रोशित ग्रामीण दोवड़ा के सड़क तिराहे पर वाहनों का चक्का जाम करने पर उतारू हो गए, लेकिन व्यास आश्रम ने समझाइश कर लोगों को शांत किया और सरकार को कुछ समय देने की बात कही।
बैठक में व्यापार संघ दोवड़ा के अध्यक्ष सुरेन्द्रकुमार पाटीदार सहित विभिन्न व्यापारियों ने कहा कि क्षेत्र में अनियमित बिजली आपूर्ति और अघोषित बिजली कटौती आम ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। भीषण गर्मी के दौर में बिजली संकट के कारण पेयजल व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियां और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यास आश्रम दामड़ी के संस्थापक एवं निदेशक ब्रह्मर्षि पं. विद्याशंकर व्यास गोर ने कहा कि पहले हवा और जल को जीवन का आधार माना जाता था, लेकिन अब हवा और जल की उपलब्धता भी बिजली पर निर्भर हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोवड़ा क्षेत्र में निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भ्रष्टाचार, अनियमितता और आम जनता के प्रति दुर्व्यवहार व्याप्त है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच राजस्थान प्रशासनिक सेवा के किसी अधिकारी से कराई जाए।
बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती कम की जाए, राजस्थान में बिजली से चलने वाले वाहनों का पंजीयन बंद किया जाए तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समान रूप से घोषित एवं नियमित बिजली कटौती लागू की जाए। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार करीब 50 लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
क्षेत्र में लगातार बढ़ते बिजली संकट और निगम के खिलाफ खुलकर सामने आए जनाक्रोश ने प्रशासन और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

Pratahkal Bureau
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