उदयपुर में महाराणा प्रताप और ट्राइबल सर्किट विकसित होगा: दिया कुमारी
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने यूसीसीआई सेमिनार में पर्यटन और उद्योगों के विकास के लिए योजनाओं की घोषणा की तथा राइजिंग राजस्थान एमओयू के क्रियान्वयन पर जोर दिया।

उदयपुर। उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (यूसीसीआई) के तत्वावधान में आयोजित 'दक्षिणी राजस्थान में उद्योग एवं पर्यटन की संभावनाएं' विषयक परिचर्चात्मक सेमिनार में प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु महाराणा प्रताप सर्किट एवं ट्राइबल सर्किट विकसित करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर रहीं दिया कुमारी के साथ विशिष्ट अतिथि के तौर पर नाथद्वारा विधायक महाराणा विश्वराज सिंह मेवाड़ भी मंच पर उपस्थित रहे।
सेमिनार का शुभारंभ करते हुए यूसीसीआई के अध्यक्ष मनीष गलूण्डिया ने स्वागत उद्बोधन में संस्था की 61 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और क्षेत्रीय विकास में इसके अहम योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि यूसीसीआई वर्तमान में लगभग ₹1.5 लाख करोड़ के भारी-भरकम निवेश का प्रतिनिधित्व कर रही है। विशिष्ट अतिथि महाराणा विश्वराज सिंह मेवाड़ ने अपनी मिट्टी की सुगंध बिखेरते हुए मेवाड़ी भाषा में सदन को संबोधित किया। उन्होंने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के संतुलन पर विशेष जोर देते हुए उदयपुर के बदलते प्राकृतिक स्वरूप पर चिंता जताई। मेवाड़ ने नाथद्वारा में अनियंत्रित विकास, यातायात एवं पार्किंग की जटिल समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करने के साथ ही चित्तौड़गढ़ की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं वहां पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता प्रतिपादित की।
अपने मुख्य संबोधन में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने केंद्र एवं राज्य की 'डबल इंजन' सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत हुए एमओयू का धरातल पर क्रियान्वयन तेजी से शुरू हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का ध्येय स्वयं व्यवसाय करना नहीं, अपितु उद्योगों के फलने-फूलने के लिए एक सुगम और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना है। उपमुख्यमंत्री ने यूसीसीआई द्वारा प्रस्तुत किए गए विभिन्न सुझावों को मुख्यमंत्री एवं संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका त्वरित समाधान कराने का आश्वासन दिया। यह आयोजन न केवल दक्षिणी राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य बल्कि आगामी पर्यटन विकास की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।

