खेरवाड़ा तहसील क्षेत्र के ग्राम भगोरपाड़ा सुलाई निवासी 31 वर्षीय दिव्यांग जीवन लाल पुत्र भीमचंद भगोरा वर्ष 2022 से दिव्यांग पेंशन से वंचित है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ने प्रशासन से बंद पेंशन पुनः शुरू कराने और पात्रता के अनुसार अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।

परिजनों के अनुसार जीवन लाल को विशेष पेंशन महाअभियान-2013 के तहत जुलाई 2013 में पीपीओ क्रमांक 450 जारी किया गया था। इसके तहत उसे प्रतिमाह 500 रुपये दिव्यांग पेंशन मिलती थी, जिसे बाद में सरकार द्वारा बढ़ाकर प्रतिमाह 750 रुपये कर दिया गया। वर्ष 2022 के बाद अचानक उसकी पेंशन बंद हो गई, जिसके बाद परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जीवन लाल के पिता भीमचंद भगोरा ने बताया कि उनके तीन पुत्र हैं। इनमें से दो पुत्र अहमदाबाद में मजदूरी कर अलग रह रहे हैं और समय-समय पर आर्थिक सहायता भेजते हैं। इसी सहायता के सहारे पांच सदस्यीय परिवार का किसी तरह भरण-पोषण हो रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के अभाव और सरकारी प्रक्रियाओं की जानकारी नहीं होने के कारण परिवार प्रशासन द्वारा आयोजित शिविरों तक भी नहीं पहुंच सका, जिससे पेंशन दोबारा शुरू कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।

ग्रामीणों के अनुसार परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। ऐसे में दिव्यांग पेंशन बंद होने से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जीवन लाल की दिव्यांग पेंशन जल्द बहाल की जाए तथा परिवार को पात्रता के अनुसार विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

सारोली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता भीखा लाल पटेल ने भी प्रशासन एवं राज्य सरकार से आग्रह किया है कि मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए दिव्यांग की पेंशन पुनः प्रारंभ कराई जाए और परिवार को आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

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